नई दिल्ली। एक तरफ राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया तो दूसरी ओर जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी, सीजेपी का प्रदर्शन जारी रहा। हालांकि पहले से की गई घोषणा के मुताबिक सीजेपी ने संसद की ओर मार्च नहीं किया। मंगलवार को उसके प्रदर्शन में शामिल होने के लिए एनसीपी नेता शरद पवार, उद्धव ठाकरे की शिव सेना के सांसद संजय राउत और सीपीएम के जॉन ब्रिटास सहित कई विपक्षी पार्टियों के नेता पहुंचे थे।
कॉकरोच जनता पार्टी ने मंगलवार की रात को एक मार्च निकाला। उन्होंने सोमवार के प्रदर्शन में गिरफ्तार लोगों को रिहा करने और मुकदमा समाप्त करने की मांग करते हुए पुलिस मुख्यालय की ओर मार्च किया। इससे पहले दिन में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि उनके प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर सरकार ने समय बरबाद किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके दोनों प्रतिनिधियों यानी आशुतोष रांका और सौरव दास के मोबाइल जब्त कर लिए गए थे और दोनों एक तरह से जेपी नड्डा के घर नजरबंद थे। इसलिए अब वे सरकार से बात करने नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को ही जंतर मंतर पर आना होगा।
उधर, दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद सोनम वांगचुक को सफदरगंज से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। मंगलवार को 24वें दिन भी उनकी भूख हड़ताल जारी रही। इस बीच ने संसद मार्च के दौरान बर्गर खाने वाले विजेता दाहिया को सीजेपी ने प्रवक्ता पद से हटा दिया है। गौरतलब है कि सोमवार के प्रदर्शन के बाद जंतर मंतर पर पुलिस ने सब कुछ तितर बितर कर दिया था। लेकिन सोमवार की रात को नौ बजे के बाद सीजेपी के लोगों ने फिर से मंच बनाया और मंगलवार सुबह से फिर प्रदर्शन पहले ही तरह चलने लगा।
