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अदालत ने ममता बनर्जी की हुगली रैली को दी मंजूरी, जुलूस पर लगाई रोक

West Bengal, Mar 17 (ANI): A view of Calcutta High court, as Calcutta High Court and its subordinate courts, will function in a restricted manner from March 17 because of the coronavirus pandemic, in Kolkata on Tuesday. (ANI Photo)

कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी को 11 सितंबर 2026 को हुगली के श्रीरामपुर (महेश) में राजनीतिक सभा करने की अनुमति दे दी है लेकिन जुलूस निकालने पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कालीघाट तृणमूल कांग्रेस को महेश में जगन्नाथ देव स्नानपिरी मैदान में सभा करने की सशर्त अनुमति दी।

अदालत ने निर्देश दिया कि राजनीतिक सभा दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच आयोजित की जाए और सभा में लोगों की संख्या 2,000 से अधिक नहीं हो। कालीघाट तृणमूल ने महेश से श्रीरामपुर की अदालत तक विरोध-जुलूस निकालने और उसके बाद सुश्री बनर्जी की एक जनसभा आयोजित करने की योजना बनाई थी। चिनसुराह के पूर्व विधायक असित मजूमदार ने जुलूस की अनुमति के लिए पुलिस से संपर्क किया था लेकिन अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया। पुलिस ने इस आधार पर जुलूस का विरोध किया था कि इससे व्यस्त जीटी रोड पर यातायात बाधित हो सकता है।

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इसके बाद तृणमूल ने अनुमति न मिलने को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का रुख किया। सभा की अनुमति देते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम के हिस्से के रूप में कोई जुलूस नहीं निकाला जा सकता है। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने यह भी निर्देश दिया कि सभा में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कोई भी भड़काऊ बयान नहीं दिया जा सकता है। राज्य सरकार से कहा गया कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करे कि कोई अप्रिय घटना न हो।

आयोजकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे गुरुवार रात 8 बजे तक पुलिस को कार्यक्रम में मौजूद रहने वाले स्वयंसेवकों की सूची उनके फोन नंबरों के साथ सौंपें। श्रीरामपुर कार्यक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह 2026 के विधानसभा चुनावों और सरकार बदलने के बाद कोलकाता के बाहर सुश्री बनर्जी का पहला राजनीतिक कार्यक्रम होगा। गौरतलब है कि चुनाव के बाद से उनके सभी राजनीतिक कार्यक्रम अब तक कोलकाता में ही आयोजित किए गए थे।

Pic Credit : ANI

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