नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत मनमोहन सिंह के खिलाफ कोयला ब्लॉक आवंटन में गड़बड़ी को लेकर चल रहा आपराधिक मुकदमा बंद हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने केस बंद करने की मंजूरी दी। असल में सीबीआई ने 2014 में दो क्लोजर रिपोर्ट दी थी, जिसे 12 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के कोई ठोस सबूत नहीं हैं। यह मामला यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान तलाबीरा-दो कोयला ब्लॉक के आवंटन से जुड़ा है।
इससे पहले 2015 में विशेष सीबीआई कोर्ट ने एजेंसी की क्लोजर रिपोर्ट को नामंजूर कर दिया था। कोर्ट ने मनमोहन सिंह और अन्य आरोपियों को ट्रायल का सामना करने के लिए तलब किया था। इस आदेश को पूर्व प्रधानमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। तब से मामला कोर्ट में था। गौरतलब है कि डॉ. मनमोहन सिंह का 26 सितंबर 2024 को 92 साल की उम्र में निधन हो गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि स्पेशल जज के पास सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को ठुकराने का कोई ठोस कारण नहीं था। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए मामले को मेरिट के आधार पर बंद कर दिया। यह मामला 2005 में ओडिशा के तालाबीरा-दो कोल ब्लॉक आवंटन में भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा था।
