कोलकाता। वैसे तो विधानसभा चुनाव पांच राज्यों में हुए हैं लेकिन सबकी नजर पश्चिम बंगाल पर है। सबसे ज्यादा दिलचस्पी बंगाल के नतीजों को लेकर है। ममता बनर्जी लगातार चौथी बार चुनाव जीत कर सरकार बनाएंगी या भाजपा पश्चिम बंगाल का किला भी फतह करेगी? इस बार के चुनाव में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में पूरी ताकत लगाई है। तभी मतदान के दिन से लेकर मतगणना के एक दिन पहले तक दोनों पार्टियों में विवाद जारी है।
मतगणना से एक दिन पहले ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने जीत का दावा करते हुए कहा कि पूरा भारत संघ आ जाए तब भी वह उनके डायमंड हार्बर मॉडल को नहीं हरा पाएगा। एक दिन पहले ममता बनर्जी ने पार्टी के सभी काउटिंग एजेंट्स के साथ वर्चुअल संवाद किया। उन्होंने दो सौ से ज्यादा सीटें जीतने का दावा किया है। इससे पहले ममता बनर्जी कई जगह स्ट्रॉन्ग रूम का मुआयना करने गईं, जहां ईवीएम रखे गए हैं। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के नेता लगातार स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि सभी तैयारियां पूरी हैं। तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था है। आरओ, एआरओ, काउंटिंग एजेंट और काउंटिंग सुपरवाइजर सभी तैयार हैं। उन्हें कई बार प्रशिक्षण दिया गया है। कहीं किसी तरह की कोई गड़बड़ी की संभावना नहीं है, सब कुछ नियमों के अनुसार होगा। उन्होंने कहा कि मतगणना केंद्रों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की दो सौ कंपनियां तैनात की गई हैं।
वोटों की गिनती से एक दिन पहले रविवार को भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि काउंटिंग ड्यूटी पर तैनात कई अधिकारी अपनी ड्यूटी, लोकेशन और पद की जानकारी अपने विभागीय संगठनों और एसोसिएशन को शेयर कर रहे हैं। उन्होंने इसे नियमों के खिलाफ बताया। अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने वॉट्सएप मैसेज के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए। उन्होंने कहा कि एक स्प्रेडशीट और लिस्ट सरकुलेट हो रही हैं।
उधर कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में रविवार काउंटिंग सेंटर के बाहर हंगामा हुआ। इस सीट से ममता बनर्जी उम्मीदवार हैं। तृणमूल कार्यकर्ताओं का आरोप है कि भाजपा के झंडे वाली कार को बिना जांच के स्ट्रॉन्ग रूम परिसर में प्रवेश करने दिया गया। गौरतलब है कि कई तरह की गड़बड़ियों के बाद चुनाव आयोग ने फालता विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 बूथों पर 21 मई को दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया है। वहां 24 मई को वोटों की गिनती होगी। चुनाव आयोग ने कहा है कि 29 अप्रैल को यहां वोटिंग के दौरान चुनावी नियमों का उल्लंघन हुआ था।
