west bengal

  • भाजपा और बंगाल की चारित्रिक भिन्नता

    पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान हो गया है और इस चरण के प्रचार में या दूसरे चरण में होने वाले मतदान के लिए चल रहे प्रचार में भाजपा को लगातार सफाई देनी पड़ रही है। ऐसा लग रहा है कि भाजपा के पूरे चुनाव अभियान में कोई बहुत बुनियादी चीज मिसिंग है, जिसकी वजह से उसको इतनी सफाई देनी पड़ रही है। इसमें दो मुद्दे ऐसे हैं, जिन्होंने खासतौर से ध्यान खींचा है। पहला मुद्दा है बंगाली मुख्यमंत्री का और दूसरा है बांग्ला संस्कृति का, जिसमें भाषा-बोली से लेकर पहनावा और खान-पान सब शामिल हैं। इन दो मुद्दों...

  • आज तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव

    नई दिल्ली। तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर और पश्चिम बंगाल की पहले चरण की 152 सीटों पर गुरुवार को वोट डाले जाएंगे। इन सीटों पर मंगलवार की शाम पांच बजे प्रचार थम गया था। पश्चिम बंगाल की बची हुई 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा। बुधवार को 152 सीटों पर प्रचार नहीं हो रहा था लेकिन भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने बाकी सीटों के लिए धुआंधार प्रचार किया। दोनों राज्यों में शांतिपूर्ण और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव के लिए सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। बहरहाल, तमिलनाडु की 234 साटों के लिए 4,023...

  • पश्चिम बंगाल-तमिलनाडु में थमा चुनाव प्रचार, 23 अप्रैल को मतदान

    तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से 48 घंटे पहले मंगलवार शाम को चुनाव प्रचार थम गया। पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होनी है, जबकि तमिलनाडु में सभी 234 सीटों के लिए मतदान होने हैं। इसको लेकर चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। यहां तक कि सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।  चुनाव प्रचार थमने से पहले दोनों राज्यों में शीर्ष नेताओं और उम्मीदवारों ने समर्थकों को आकर्षित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वहीं, चुनाव प्रचार थमने के बाद अब कोई...

  • बंगाल का विवाद तो और बढ़ जाएगा

    सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में कटे नामों को लेकर जो कुछ कहा है वह आगे के लिए बड़ी चिंता का कारण बन सकता है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने सोमवार, 13 अप्रैल को सुनवाई के दौरान कहा कि अगर जीत हार का अंतर कम होता है और कटे हुए नामों का प्रतिशत ज्यादा होता है तो अदालत दखल दे सकती है। इतना ही नहीं बेंच ने मिसाल देकर कहा कि नाम 15 फीसदी कटे हैं और जीत हार का अंतर दो फीसदी है तो इस पर विचार करना होगा। यह सर्वोच्च अदालत...

  • जो सवाल मंडराते रहेंगे

    पश्चिम बंगाल में ऐसी धारणा बनी है कि एसआईआर के दौरान निर्वाचन आयोग का नजरिया मतदाताओं को सूची से बाहर करने के बहाने ढूंढना वाला था। इससे भारत की चुनाव प्रणाली की साख पर टिकाऊ सवाल खड़े हुए हैँ। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष सहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर सर्वोच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची ने कई महत्त्वपूर्ण चिंताएं जताईं। उनका सार है कि कम-से-कम इस राज्य में एसआईआर प्रक्रिया साफ-सुथरी नहीं रही। नतीजतन, लाखों व्यक्ति मताधिकार से वंचित होते नजर आ रहे हैं। जस्टिस बागची ने “तार्किक विसंगतियों” का मुद्दा उठाया। ये मुद्दा तब उठा था, जब...

  • बंगाल में मोदी की तीन रैलियां

    कोलकाता। केरल, असम और पुडुचेरी के चुनाव समाप्त होने के बाद अब प्रचार का फोकस पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के ऊपर है। चूंकि तमिलनाडु में भाजपा सिर्फ 27 सीटों पर लड़ रही है। इसलिए भाजपा के शीर्ष नेताओं का पूरा ध्यान पश्चिम बंगाल पर है। शनिवार, 11 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य के तीन अलग अलग हिस्सों में चुनावी रैलियों को संबोधित किया। अपनी सभाओं में प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जम कर हमला किया। मोदी ने शनिवार को पूर्वी वर्धमान जिले के कटवा, मुर्शिदाबाद के जंगीपुर और बांग्लादेश सीमा से सटे दक्षिण दिनाजपुर जिले...

  • बंगाल में एक एक करते जुड़ते रहेंगे नाम

    पश्चिम बंगाल में कमाल हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कह दिया है कि वह मतदाता सूची फ्रीज करे। वैसे भी पहले चरण की 152 सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हो गई है तो मतदाता सूची फ्रीज होनी ही थी। लेकिन साथ ही सर्वोच्च अदालत ने यह भी कहा है कि विचाराधीन श्रेणी के जिन लाखों लोगों के नाम कटे हैं उनकी आपत्तियों और दावे सुनने के लिए बनाए गए ट्रिब्यूनल अपना काम करते रहेंगे। इतना ही नहीं, जो सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाएगा उसकी बात वहां भी सुनी जाएगी। ध्यान रहे सुप्रीम कोर्ट ने एक...

  • 47 लाख मतदाताओं की आपत्तियों का निपटारा

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विचाराधीन श्रेणी में रखे गए 60 लाख मतदाताओं में से 47 लाख मतदाताओं की आपत्तियों का निपटारा कर दिया गया है। हालांकि चुनाव आयोग ने यह नहीं बताया है कि इनमें से कितने लोगों के नाम काटे गए हैं। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि करीब 47 लाख आपत्तियों का निपटारा 31 मार्च तक कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि उसे यह जानकारी 31 मार्च को हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने एक चिट्ठी के जरिए दी। हाई कोर्ट ने बताया है कि हर दिन दो लाख तक आपत्तियों को निपटाया...

  • चुनाव आयोग की गड़बड़ियां संयोग हैं या प्रयोग?

    चुनाव आयोग द्वारा अचानक कुछ ज्यादा ही ग़ड़बड़ियां होने लगी हैं। कहीं भाजपा की मुहर लगी चिट्ठी जारी हो जा रही है तो कहीं वेबसाइट में ऐसी गड़बड़ी दिखने लग रही है कि सांसदों के नाम ही मतदाता सूची से गायब हो जा रहे हैं। हर बार चुनाव आयोग कहता है कि तकनीती गड़बड़ी थी, जिसे ठीक कर लिया गया है या मानवीय भूल थी, जिस पर कार्रवाई कर दी गई है। लेकिन सवाल है कि इतनी गड़बड़ियां अचानक होने लगना संयोग है या प्रयोग? इससे पहले कभी इतनी गड़बड़ी नहीं हुई। यह भी सवाल है कि पश्चिम बंगाल में...

  • बंगाल में लागू होगा यूपी वाला मॉडल

    उत्तर प्रदेश में तो कहा जाता है कि योगी आदित्यनाथ की पुलिस ने रामपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव में इस मॉडल को लागू किया था लेकिन अब चुनाव आयोग ने वहां से सीख लेकर पश्चिम बंगाल में इसे लागू करने का फैसला किया है। इस मॉडल के तहत बुर्के वाली महिलाओं की जांच मतदान केंद्र के बाहर भी की जाएगी। ऐसे कह सकते हैं कि उनकी जांच दो बार या उससे ज्यादा बार भी हो सकती है। समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया था कि आजम खान के इस्तीफे से खाली हुई रामपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव में पुलिस ने मतदान...

  • बंगाल में दो चरणों में चुनाव

    नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में मतदान की तारीखों का ऐलान कर दिया। पश्चिम बंगाल में दो चरण में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा। तमिलनाडु में एक चरण में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एक चरण में नौ अप्रैल को वोटिंग होगी। सभी राज्यों में वोटों की गिनता एक साथ चार मई को होगी। इसके साथ ही कुछ राज्यों में उपचुनावों की भी घोषणा हुई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में दोनों चुनाव...

  • बंगाल के राज्यपाल ने इस्तीफा दिया

    नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले एक आश्चर्यजनक घटनाक्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफा देने के बाद तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि को पश्चिम बंगाल का प्रभार सौंपा गया है। गौरतलब है कि रवि बिहार के रहने वाले हैं और पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में बिहारी मतदाता हैं। लद्दाख के उप राज्यपाल कवींद्र गुप्ता ने भी इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल बोस के इस्तीफे पर हैरानी जताई है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री ने अभी मुझे सूचित किया है कि आरएन...

  • बंगाल की मतदाता सूची का सस्पेंस

    अगर सब कुछ तय कार्यक्रम के हिसाब से होता है तो कल यानी 28 फऱवरी को पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित हो जाएगी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को छूट दी है कि अगर सारे दावे और आपत्तियों का निपटारा 28 फरवरी तक नहीं होता है तो अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने के बाद आयोग पूरक सूची भी प्रकाशित कर सकता है। लेकिन सवाल है कि पूरक सूची भी कब तक प्रकाशित की जाएगी? पश्चिम बंगाल में बाकी चार राज्यों के साथ चुनाव की प्रक्रिया मार्च के दूसरे हफ्ते में शुरू हो जानी है। चुनाव की घोषणा के...

  • संदेह का समाधान नहीं

    क्या एसआईआर के बाद पश्चिम बंगाल में ऐसी मतदाता सूची सामने आ पाएगी, जिस पर तृणमूल कांग्रेस सहित तमाम दलों एवं हितधारकों को यकीन हो? ऐसा नहीं हुआ, तो जाहिर है, विधानसभा चुनाव संदेह के साये में होगा। तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर चप्पे-चप्पे निगरानी की। नतीजतन 50 लाख दावे और आपत्तियां दर्ज करा दी गईं। उन अर्जियों को जैसे- तैसे ना निपटा दिया जाए, इसे सुनिश्चित करने के लिए पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई जारी रखी है। चूंकि उसकी दलीलों में दम है, इसलिए सर्वोच्च न्यायालय को यह...

  • पश्चिम बंगाल में कितने नाम कटेंगे?

    यह लाख टके का सवाल है कि अंतिम मतदाता सूची में पश्चिम बंगाल में कितने नाम कटेंगे? अब यह तय हो गया है कि बंगाल की अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को जारी होगी। इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है। क्योंकि अगर इसे आगे बढ़ाया गया तो चुनाव टलने का खतरा पैदा हो जाएगा। ध्यान रहे मार्च में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा होनी है। इसलिए जरूरी है कि फरवरी के अंत तक अंतिम मतदाता सूची जारी हो जाए। पिछले दिनों असम की मतदाता सूची जारी हुई। इसमें मसौदा मतदाता सूची के बाद करीब ढाई लाख लोगों...

  • बंगाल में मतदाता सूची जारी करने की तारीख बढ़ी

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का दूसरी चरण पूरा करने की समय सीमा सुप्रीम कोर्ट ने एक हफ्ते और बढ़ा दी है। सर्वोच्च अदालत ने अंतिम मतदाता सूची जारी करने के लिए 14 अप्रैल की सीमा को बढ़ा कर 21 अप्रैल कर दिया है। सोमवार को इस मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की रुकावट बरदाश्त नहीं की जाएगी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा कि यह बात...

  • बंगाल में जनगणना की अधिसूचना जारी नहीं

    पश्चिम बंगाल सरकार किस किस स्तर पर केंद्र सरकार के साथ टकराव ले रही है, यह देख कर हैरानी होती है। ममता बनर्जी की पार्टी की सरकार का टकराव राजभवन के साथ चल रहा है और चुनाव आयोग के साथ भी चल रहा है। एसआईआर को लेकर ममता बनर्जी की पार्टी और चुनाव आयोग आमने सामने हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कम और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ उन्होंने ज्यादा मोर्चा खोला है। घुसपैठियों और सीमा पर बाड़ लगाने के मसले पर केंद्रीय गह मंत्रालय के साथ उनका टकराव चल रहा है। अमित शाह के गृह मंत्रालय...

  • बंगाल में केंद्रीय बलों की तैनाती

    पश्चिम बंगाल को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता और अनेक स्वतंत्र जानकार यह कहते हैं कि वहां भाजपा की जीत की संभावना एक ही स्थिति में है, जब राज्य में चुनाव टल जाए और राष्ट्रपति शासन लगे या अभी किसी तरह से राष्ट्रपति शासन लगा कर ही चुनाव कराया जाए। सत्ता में रहते ममता बनर्जी को हराना नामुमकिन माना जा रहा है। हालांकि कई लोग यह भी कहते हैं कि अगर केंद्रीय बलों की तैनाती समय से पहले हो जाए और ज्यादा संख्या में केंद्रीय बल तैनात किए जाएं तब भी मौका बनेगा। खुद तृणमूल के नेता ऐसे मौके...

  • बंगाल में क्या टल सकता है चुनाव?

    पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव को लेकर दो तरह की आशंका कई महीनों से जताई जा रही है। पहली आशंका तो यह है कि राज्य में किसी न किसी कारण से राष्ट्रपति शासन लगाया जाएगा क्योंकि भाजपा को ऐसा अहसास हो गया है कि ममता बनर्जी का शासन रहते हुए वह बंगाल नहीं जीत सकती है। दूसरी आशंका चुनाव टलने की थी। यह भी हालांकि पहली आशंका से जुड़ी ही है। किसी न किसी तरह से राष्ट्रपति शासन लगाने की आशंका के पीछे एक कारण चुनाव टलना भी था। कई जानकार बता रहे थे कि या तो किसी बहाने चुनाव...

  • बंगाल में मतदाता सूची का विवाद

    पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का विवाद समाप्त ही नहीं हो रहा है। लॉजिकल डिस्क्रिपेंसीज का विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, जिसमें सर्वोच्च अदालत ने चुनाव आयोग को 10 दिन का समय दिया है और कहा है कि इस श्रेणी में चुनाव आयोग ने जितने लोगों को नोटिस भेजा है, अगले 10 दिन में उनकी बात सुन कर, उनसे दस्तावेज लेकर जरूरी सुधार किया जाए। ममता बनर्जी की पार्टी इसे अपनी जीत बता रही है। लेकिन हैरानी की बात है कि इस किस्म की गड़बड़ियां बिहार में भी थीं तो वहां कोई विवाद क्यों...

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