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परमाणु ठिकानों पर हमले से बढ़ा विवाद

नई दिल्ली। ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए ताजा हमलों से विवाद बढ़ गया है। इस बात को लेकर चिंता जताई जा रही है कि इन हमलों से खतरनाक रिसाव हो सकता है। हालांकि अभी तक इस तरह की खबर नहीं है। दूसरी ओर इजराइल ने इस बात से इनकार किया है कि उसने ईरान के नतांज में परमाणु ठिकाने पर हमला किया है। उधर रूस ने इस हमले की कड़ी आलोचना की है। गौरतलब है कि ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के 22 दिन हो गए हैं लेकिन दोनों तरफ से लगातार हमले जारी हैं। ईरान ने पहली बार इंटर कॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल करके हिंद महासागर में अमेरिका व ब्रिटेन के डिएगो गार्सिया बेस पर हमला किया।

बहरहाल, नतांज के न्यूक्लियर सेंटर पर हवाई हमले को लेकर रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। उधर ईरान ने इस हमले की जानकारी अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी को भी दी है। हालांकि इजराइली डिफेंस फोर्स यानी आईडीएफ ने ईरान के नतांज न्यूक्लियर प्लांट पर हमले से इनकार किया है। आईडीएफ ने कहा है, ‘हमने यह हमला नहीं किया है और हमें नहीं पता यह किसने किया। हम अमेरिकी कार्रवाई पर कोई टिप्पणी नहीं करते’।

इससे पहले ईरान की न्यूज एजेंसी ‘तसनीम’ ने बताया कि जिस जगह पर हमला हुआ उसका नाम ‘अहमदी रोशन’ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हमले के बाद किसी भी तरह का खतरनाक रिसाव नहीं हुआ है और आसपास रहने वाले लोगों को कोई खतरा नहीं है। गौरतलब है कि इजराइल और अमेरिका ने इससे पहले दो मार्च को भी इस प्लांट पर हमला किया था। यह ईरान का सबसे बड़ा न्यूक्लियर सेंटर है, यहां यूरेनियम संवर्धन किया जाता है। इसकी एक खास बात यह है कि इसका बड़ा हिस्सा जमीन के नीचे बना हुआ है।

इस बीच ईरान ने कहा है कि अमेरिका और इज़राइल फारस की खाड़ी में चल रहे निजी और यात्री जहाजों पर हमला कर रहे हैं। ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स, आईआरजीसी ने कहा कि ये हमले जान बूझकर किए जा रहे हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा फिर हुआ, तो वह कड़ा जवाब देगा। हालांकि कुछ खबरों में यह भी कहा गया है कि ईरान ने खुद भी कुछ जहाजों पर हमला किया है।

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