नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार की आधी रात को जारी वीडियो संदेश में पेपर लीक पर एक सख्त कानून बनाने की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में इस पर चर्चा होगी और सोमवार को इसे संसद में पेश किया जा सकता है। लेकिन शुक्रवार को कैबिनेट बैठक के बाद इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। उलटे सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव इस बारे में सवाल को टाल गए।
हालांकि जानकार सूत्रों का कहना है कि पेपर लीक संशोधन बिल को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें यह फैसला हुआ। बताया जा रहा है कि धनशोधन कानून यानी पीएमएलए जैसा सख्त कानून लाने का फैसला हुआ है। संसदीय कार्यमंत्री कीरेन रिजीजू ने कहा है कि यह बिल सोमवार 27 जुलाई को ही संसद में पेश किया जाएगा।
हालांकि इससे पहले जब केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देने आए तब उन्होंने पेपर लीक संशोधन बिल पर कोई जवाब नहीं दिया। वैष्णव ने मीडिया के सवालों पर हर बार केवल एक शब्द कहा, ‘नेक्स्ट’। हालांकि, उन्होंने मजाक में एक रिपोर्टर से कहा, ‘आज कोई पेपर लीक नहीं हो रहा’। दूसरी ओर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कीरेन रिजीजू ने कहा, ‘सरकार सोमवार को छात्रों से जुड़ा बिल पेश करेगी। प्रधानमंत्री का कहना है कि इसमें कोई देरी नहीं होनी चाहिए। अगर कांग्रेस छात्रों के मुद्दों को उठाने के लिए संसद की कार्यवाही में बाधा डालती है, तो वह जाल में फंस जाएगी’।
