तेल अवीव। चुनाव नतीजों के बाद इजराइल में नई सरकार बनाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गठबंधन की सहयोगी पार्टी यूनाइटेड टोरा जूडिज्म ने विपक्षी नेता गादी आइजनकोट को प्रधानमंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया है। पार्टी को चुनाव में सात सीटें मिली हैं। चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी ने समर्थन के बदले हरेदी समुदाय के लोगों को अनिवार्य सैन्य सेवा से छूट देने की मांग की है। गौरतलब है कि इजराइल में आमतौर पर नागरिकों के लिए सेना में सेवा देना अनिवार्य है।
हालांकि, हरेदी समुदाय के धार्मिक छात्रों को अब तक इससे बड़े स्तर पर छूट मिलती रही है। नेतन्याहू सरकार हरेदी समुदाय को यह छूट जारी रखने के पक्ष में रही है, जबकि आइजनकोट इसका विरोध करते रहे हैं। वे चाहते हैं कि हरेदी समुदाय के लोगों को भी सैन्य सेवा करनी चाहिए। यूनाइटेड टोरा जूडिज्म ने आइजनकोट की सरकार में शामिल हुए बिना बाहर से समर्थन देने की पेशकश की है। इसके तहत पार्टी सरकार के खिलाफ होने वाले मतदान में विरोध करने के बजाय वोटिंग से दूर रह सकती है। इससे आइजनकोट को संसद में सरकार चलाने में मदद मिल सकती है।
इस बीच इजराइल की डेमोक्रेट्स पार्टी के प्रमुख यायर गोलान ने विपक्षी दलों से अरब पार्टियों के साथ मिलकर सरकार बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अरब पार्टियों के पास कुल 19 सीटें हैं। इन सीटों को नजरअंदाज करना लोकतंत्र के खिलाफ होगा। ‘द टाइम्स ऑफ इजराइल’ के मुताबिक, गोलान ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव में चुना गया हर सांसद देश की राजनीतिक व्यवस्था का वैध हिस्सा है। इससे पहले नेतन्याहू विरोधी गठबंधन ने अरब बहुल जॉइंट लिस्ट और राअम पार्टी के साथ सरकार बनाने से इनकार कर दिया था। डेमोक्रेट्स पार्टी के पास आठ सीटें हैं, जबकि अरब पार्टियों की जॉइंट लिस्ट को 12 और राअम को सात सीटें मिली हैं।
