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सीबीएसई पर सरकार की कार्रवाई

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई पर 12वीं की बोर्ड परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को लेकर सरकार ने कार्रवाई शुरू की है। गड़बड़ियां सामने आने और विवाद बढ़ने के करीब दो हफ्ते बाद सरकार ने सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला किया है। इसके अलावा सरकार ने ऑन स्क्रीन मार्किंग यानी ओएसएम के टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी गठित की है।

गौरतलब है कि इस बार सीबीएसई ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच ओएसएम की प्रक्रिया से की थी। इसके लिए कोएम्प्ट नाम की एक कंपनी को ठेका दिया गया था। परिणाम आने के बाद लाखों छात्रों ने गड़बड़ियों की शिकायत की और पहली बार ऐसा हुआ कि चार लाख से ज्यादा यानी करीब 25 फीसदी छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन का आवेदन किया। इस दौरान कई और गड़बड़ियां सामने आईं। खराब स्कैनिंग के अलावा कॉपियों की अदला बदली, स्कैनिंग में पेज छूट जाना, एक ही पेज का कई बार अपलोड होना जैसी कई खामियां सामने आईं।

आरोप है कि कोएम्प्ट कंपनी को ठेका देने के लिए कई शर्तों को बदला गया। तभी इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं। बहरहाल, पुनर्मूल्यांकन के आवेदन के दौरान छात्रों को और भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। इस वजह से आवेदन का समय कई बार बढ़ाया गया। इसके बाद एक जून से पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू होनी थी परंतु वह भी समय से नहीं शुरू हो पाई। मंगलवार, दो जून से इसकी प्रक्रिया शुरू हुई है।

इसे लेकर सीबीएसई की ओर से बताया गया है कि उसके पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर साइबर अटैक हुआ। सीबीएसई के मुताबिक, दो मिनट में 15 लाख एक्सेस अटेंप्ट हुए, जबकि एक लाख से ज्यादा बार सिस्टम की फाइलों तक बिना अनुमति पहुंचने की कोशिश की गई। हालांकि, साइबर अटैक के बावजूद पोर्टल काम करता रहा और दोपहर तीन बजे तक 16 हजार से ज्यादा छात्रों ने आवेदन कर दिया। यह पोर्टल सोमवार से शुरू होना था।

गौरतलब है कि, 13 मई को सीबीएसई ने 12वीं के नतीजे जारी किए थे। नतीजे आने के बाद कई छात्रों ने अंकों को लेकर शिकायत की, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू हुई। छात्रों ने ही सारी गड़बड़ियां खोज कर सबके सामने रखीं। इसमें वेदांत और सार्थक नाम के दो छात्रों ने सबसे ज्यादा खुलासे किए। छात्रों ने ही बताया कि कैसे ब्लैकलिस्टेड कंपनी को ठेका देने के लिए ठेके की शर्तों में बदलाव किया गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी लगातार ओएसएम सिस्टम की गड़बड़ियों को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

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