सीबीएसई के चेयरमैन का संसदीय समिति को जवाब
दुनिया के जिन देशों में संस्थाओं को संपूर्ण स्वायत्तता मिली हुई है वहां भी संस्थाएं संसद के सामने जवाबदेह होती हैं। अमेरिका जैसे देश में हर संस्था के प्रमुख को अपनी संस्था द्वारा किए गए काम का जवाब सीनेट की कमेटी के सामने देना होता है। संबंधित विषय की सीनेट समिति किसी को भी तलब कर सकती है। वहां पेश नहीं होना या गलत जानकारी देना बहुत भारी पड़ता है। भारत में भी पहले संसदीय समितियों का महत्व होता था। लेकिन अब इस सरकार में संसदीय समितियों का महत्व शून्य कर दिया गया है। तभी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी...