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सरकार ने मांगा कांग्रेस का सहयोग

New Delhi, Apr 04 (ANI): Opposition uproar in the Lok Sabha over the Waqf (Amendment) Bill 2025 during the Budget session of Parliament, in New Delhi on Friday. (ANI Photo/Sansad TV)

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के तीसरे हफ्ते में भी कामकाज नहीं हो पा रहा है। विपक्ष के हंगामे की वजह से किसी भी बिल पर चर्चा नहीं हो रही है। हालांकि सरकार एक के बाद एक बिल पास करा रही है। इस बीच खबर है कि महिला आरक्षण और परिसीमन के मसले पर सरकार संसद का तीन दिन का विशेष सत्र बुला रही है। इस बार 16 से 18 अगस्त की तारीख चुनी गई है। गौरतलब है कि 16 से 18 अप्रैल को भी सरकार ने विशेष सत्र बुलाया था लेकिन संविधान संशोधन का बिल पास नहीं हो सका था।

बहरहाल, विशेष सत्र की चर्चा के बीच बुधवार को संसदीय कार्य मंत्री कीरेन रिजिजू ने कांग्रेस से सहयोग मांगा। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा से भी मिलने की खबर है। उन्होंने कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से भी बात की। उन्होंने संसद के सुचारू संचालन और जरूरी विधेयकों को पास कराने में कांग्रेस से सहयोग मांगा।

लोकसभा में बुधवार को जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई वैसे ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसकी वजह से सदन को स्थगित करना पड़ा। इसके बाद किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के चैम्बर में जाकर उनसे मुलाकात की और सहयोग मांगा। हालांकि बताया जा रहा है कि राहुल ने दो टूक शब्दों में कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर जब तक चर्चा नहीं होगी और जब तक छात्रों पर हुई कार्रवाई के मामले में अमित शाह का बयान नहीं होगा, तब तक विपक्ष का हंगामा जारी रहेगा।

जहां तक महिला आरक्षण और परिसीमन का मामला है तो कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने बताया कि कि किरेन रिजिजू ने बुधवार को परिसीमन के मुद्दे पर उनसे बात की। उन्होंने विचार करके जवाब देने को कहा है। इससे पहले विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करते हुए गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च निकाला।

विपक्ष के इस हंगामे के बीच सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल राज्यसभा में पास हो गया है। तीन अगस्त को इसे लोकसभा से पास किया गया था। उधर लोकसभा ने बुधवार को बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 को मंजूरी दे दी। यह नया कानून 1891 के ब्रिटिश शासन के समय बने पुराने कानून की जगह लेगा। इस बिल का मकसद यह है कि बैंकों के डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक, वर्चुअल और क्लाउड में रखे गए रिकॉर्ड भी अदालत में वैध सबूत माने जाएं।

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