दो तिहाई बहुमत के छल-प्रपंची इंतज़ाम का साया
स्थूल नज़र से तो यही दिखाई देता है कि विधेयक की अगवानी के लिए कोई मखमली कालीन तो बिछा हुआ है नहीं। द्रमुक के 22, शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस के 8, वायएसआर कांग्रेस के 4 और सत्तापक्ष-विपक्ष से असंबद्ध 12-14 सांसदों पर विधेयक की नैया पार लगाने का दारोमदार होगा। वे या तो विधेयक के पक्ष में मतदान को राज़ी हो जाएं या मतदान में शिरक़त न करें, तभी लोकसभा में कोई बात बन पाएगी। सरकार ने 66 दिन पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुए संसद के मॉनसून सत्र के सत्रावसान का ऐलान अब तक नहीं किया है, इस...