नई दिल्ली। सोमवार से लोकसभा में पहलगाम आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर विशेष चर्चा शुरू होगी, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कई प्रमुख नेता भाग ले सकते हैं। इस चर्चा के लिए 16 घंटे का समय निर्धारित किया गया है, और इसके तीन दिन तक चलने की संभावना है। लोकसभा सचिवालय ने अपने एजेंडे में इसे “भारत के सशक्त, सफल और निर्णायक ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा” के रूप में सूचीबद्ध किया है।
प्रधानमंत्री मोदी के भी इस चर्चा में हस्तक्षेप की संभावना है, हालांकि इस पर सरकार की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। राज्यसभा में इसी विषय पर मंगलवार को बहस होगी। चर्चा के दौरान विपक्ष अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता से जुड़े दावे को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर सकता है। हालांकि भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि सैन्य कार्रवाई रोके जाने का निर्णय पाकिस्तान के डीजीएमओ के संपर्क के बाद विचाराधीन हुआ था।
विभिन्न दलों के वे सांसद जो हाल में 33 देशों की राजधानियों में भारत की आतंकवाद विरोधी नीति को प्रस्तुत करने गए थे, उनके भी इस चर्चा में भाग लेने की संभावना है। मानसून सत्र का पहला सप्ताह राजनीतिक उथल-पुथल से भरा रहा—उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे और राज्यसभा में न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के हटाने से जुड़े विपक्षी नोटिस के कारण सत्र की शुरुआत से ही गतिरोध बना रहा।
पहले दिन विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की मांग जोर-शोर से उठाई थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया। विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण पर भी चर्चा की मांग की है, जिस कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।


