नई दिल्ली)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 1999 के करगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने भारत की सरज़मीं की रक्षा के लिए भीषण परिस्थितियों में साहसपूर्वक लड़ाई लड़ी और दुश्मन को परास्त किया। राष्ट्रपति ने ‘एक्स’ पर लिखा, “करगिल विजय दिवस के अवसर पर मैं मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। यह दिवस हमारे जवानों की असाधारण वीरता, साहस और संकल्प का प्रतीक है। उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव प्रेरणा बना रहेगा।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “करगिल विजय दिवस मां भारती के उन सपूतों के अद्वितीय साहस का स्मरण कराता है, जिन्होंने आत्मसम्मान और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “करगिल युद्ध के दौरान हमारे जवानों ने विपरीत परिस्थितियों में जो साहस, धैर्य और समर्पण दिखाया, वह भारत की सैन्य परंपरा की गौरवगाथा है।”
रक्षा मंत्री और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान ने कहा, “करगिल विजय दिवस केवल अतीत को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि भविष्य के लिए प्रेरणा लेने का दिन है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता इस परंपरा की पुनः पुष्टि है कि भारत की एकजुटता, तैयारी और साहस किसी भी आक्रामकता को विफल कर सकता है।”


