नई दिल्ली। किसानों का मुद्दा उठाने और अमेरिका के साथ भारत की व्यापार संधि में किसानों के हितों से समझौता करने के आरोप लगाने के बाद राहुल गांधी ने शुक्रवार को कई किसान संगठनों के नेताओं से मुलाकात की। राहुल शुक्रवार को संसद भवन परिसर में देश भर के किसान संगठनों के नेताओं से मिले। इस बैठक में भारत और अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ देश भर में आंदोलन शुरू करने और किसानों व खेत मजदूरों की रोजी रोटी बचाने की जरूरत पर बात हुई।
किसान नेताओं ने इस व्यापार समझौते का विरोध किया। उनका कहना था कि समझौते से मक्का, सोयाबीन, कपास, फल और मेवे उगाने वाले किसानों की रोजी रोटी पर असर पड़ेगा। किसानों ने 12 फरवरी को भारत बंद में हिस्सा लेकर इस समझौते का विरोध किया था। बहरहाल, कांग्रेस ने बताया है कि, राहुल गांधी ने किसानों से कहा कि इस समझौते से कृषि उत्पादों के आयात का रास्ता खुल गया है। आगे अन्य फसलें भी इससे प्रभावित हो सकती हैं। बैठक में इस समझौते के विरोध में बड़े स्तर पर राष्ट्रीय आंदोलन करने पर बात हुई।
शुक्रवार को राहुल गांधी से मिलने वालों में अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के प्रमुख सुखपाल एस खैरा, हरियाणा के भारतीय किसान मजदूर यूनियन के अशोक बलहारा, बीकेयू क्रांतिकारी के बलदेव एस जीरा, प्रोग्रेसिव फार्मर्स फ्रंट के आर नंदकुमार सहित कई अन्य संगठनों के नेता शामिल थे। बाद में राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी कर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा व्यापार समझौता जो किसानों की रोजी रोटी छीन ले या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान विरोधी है। उन्होंने यह भी कहा कि वे मोदी सरकार को किसानों के हितों से समझौता नहीं करने देंगे।


