Parliament

  • ब्रेक के बाद फिर चलेगा बजट सत्र

    नई दिल्ली। बजट सत्र में एक और ब्रेक दिया गया है। आमतौर पर बजट सत्र में एक ब्रेक होता है। लेकिन इस बार 13 दिन का दूसरा ब्रेक दिया गया है, जो तीन अप्रैल से शुरू हो गया है। 16 से 18 अप्रैल के बीच फिर से संसद की कार्यवाही चलेगी और इन तीन दिनों में केंद्र सरकार महिला आरक्षण के लिए बनाए गए नारी शक्ति वंदन कानून में संशोधन करेगी। यह संभवतः पहला मौका होगा, जब कोई कानून लागू होने से पहले ही संसद में संशोधित किया जाएगा। सरकार परिसीमन के जरिए लोकसभा की सीटों की संख्या भी बढ़ाएगी...

  • संसद की गरिमा कैसे सुनिश्चित होगी?

    भारत में किसी भी चीज को नष्ट करने के कई तरीकों में से एक तरीका यह है कि उसे पवित्र बना दिया जाए। उसे पूजा के योग्य बना दिया जाए। जैसे ही हमारे यहां कहा जाए कि अमुक चीज तो पवित्र है और हम उसकी पूजा करते हैं तो समझ लें कि वह चीज ज्यादा समय तक नहीं रहने वाली है। उसका नष्ट होना अवश्यम्भावी है। मिसाल के तौर पर भारत में नदियों की स्थिति देखी जा सकती है। नदियों को भारत में माता का दर्जा दिया जाता है और पूजा की जाती है लेकिन पूजा करने वाला व्यक्ति भी...

  • आठ सांसदों का निलंबन समाप्त

    नई दिल्ली। लोकसभा से निलंबित कांग्रेस के आठ सांसदों का निलंबन समाप्त हो गया है। बजट सत्र के पहले चरण में इन सांसदों को निलंबित किया गया था। स्पीकर ओम बिरला ने मंगलवार को इन सांसदों का निलंबन समाप्त किया। हालांकि इससे पहले जब बिरला से इनका निलंबन खत्म करने को कहा गया था तो उन्होंने कहा था कि मेज पर चढ़ने वालों के साथ ऐसी ही सलूक होगा। लेकिन सोमवार को इनका निलंबन खत्म करने पर सहमति बनी और मंगलवार को इनका निलंबन खत्म हो गया। गौरतलब है कि बजट सत्र के पहले चरण में कांग्रेस के सात और...

  • संसद में पश्चिम एशिया पर चर्चा होगी

    संसद के बजट सत्र में अगले हफ्ते तीन दिन कामकाज होगा। उसके बाद चार दिन की छुट्टी है। उगाडी और ईद के साथ दो दिन की सप्ताहांत की छुट्टी होगी। सो, अगले हफ्ते वैसे भी कामकाज कम होना है। लेकिन सवाल है कि क्या अगले हफ्ते केंद्र सरकार पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा के लिए तैयार होगी? जानकार सूत्रों का कहना है कि हो सकता है कि सरकार एक संक्षिप्त चर्चा करा ले। शुक्रवार को कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में इस बारे में बात हुई थी। हालांकि सरकार ने इस पर कोई वादा नहीं किया लेकिन उसने कहा...

  • राहुल और निलंबित सांसदों का क्या होगा?

    अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद स्पीकर ओम बिरला लौट आए हैं। उनको अब रोजमर्रा के कामकाज के साथ दो अहम मसलों पर फैसला करना है। उनके सामने राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की ओर से पेश किया गया सब्सटेंसिव मोशन है और विपक्ष के आठ सांसदों के निलंबन का मामला है। गौरतलब है कि बजट सत्र के पहले चरण में निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ बिना सबूत बात कहने, देश विरोधी ताकतों से संपर्क रखने और दूसरे कई आरोपों में सब्सटेंसिव मोशन पेश किया था। पहले इस तरह के मोशन के आधार पर सांसदों...

  • जयशंकर ने जंग पर संसद में दिया बयान

    नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने के पहले दिन सोमवार, नौ मार्च को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया में चल रही जंग पर संसद में बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका व इजराइल के बीच जंग शुरू होने के बाद से खाडी देशों से 67 हजार के करीब भारतीय सकुशल वापस लौटे हैं। जयशंकर ने कहा है कि भारत चाहता है कि पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष जल्दी खत्म हो और सभी देश फिर से बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर लौटें। जयशंकर ने सोमवार को राज्यसभा में दिए गए...

  • संसद में सरकार का शक्ति परीक्षण

    विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव सरकार के खिलाफ नहीं है लेकिन शक्ति परीक्षण सरकार का होना है। तभी सोमवार, नौ मार्च को लोकसभा में होने वाले शक्ति परीक्षण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ संसदीय प्रबंधकों पर निर्भर नहीं है। उन्होंने खुद कमान संभाली है। प्रधानमंत्री ने शनिवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चुनाव क्षेत्र कोटा में हवाईअड्डे का शिलान्यास किया। उन्होंने शिलान्यास के बाद वर्चुअल तरीके से जनसभा को संबोधित करते हुए ओम बिरला की जम कर तारीफ की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ओम बिरला संसदीय मूल्यों और सिद्धांतों के लिए प्रतिबद्ध हैं और उनके प्रति पूरी निष्ठा...

  • संसद का आज से दूसरा चरण शुरू

    नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के सोमवार से शुरू होने वाले दूसरे चरण के हंगामेदार रहने की संभावना है। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष द्वारा प्रायोजित उस प्रस्ताव पर चर्चा होनी है, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने की मांग की गई है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जा सकता है, क्योंकि विपक्ष पहले से ही ईरान के प्रति सरकार के रुख, भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका द्वारा दी गई “छूट” और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला कर रहा है। इसके अलावा, चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल...

  • संसद सत्र के पहले दिन से हंगामा

    संसद के बजट सत्र का दूसरा हिस्सा कल यानी सोमवार से शुरू हो रहा है। इसकी शुरुआत ही हंगामे से होगी। हालांकि सरकार इस बात के लिए तैयार है कि स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो और वोटिंग करा कर इसे खारिज किया जाए। निश्चित रूप से विपक्ष के पास संख्या नहीं है। भाजपा ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है। कांग्रेस ने भी तीन दिन के लिए व्हिप जारी किया है। पहले दिन स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी तो सभी विपक्षी पार्टियां इस पर स्पीकर के खिलाफ...

  • सिर्फ संसद की राजनीति काफी नहीं

    संसद के बजट सत्र में ब्रेक चल रहा है। सत्र का दूसरा हिस्सा नौ मार्च से शुरू होगा और दो अप्रैल तक चलेगा। बजट सत्र का पहला हिस्सा बहुत हंगामे वाला रहा। वैसे तो हर सत्र ही हंगामे वाला होता है लेकिन इस बार कुछ अनोखी चीजें हुईं। जैसे स्पीकर ने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया कि वे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई एक अधूरी चर्चा का जवाब देने लोकसभा में नहीं आएं क्योंकि कुछ ‘अप्रत्याशित’ घट सकता है। प्रधानमंत्री मान भी गए। पहली बार ऐसा हुआ। ऐसे ही पहली बार हुआ कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया गया और...

  • संसद में किसान संगठनों से मिले राहुल

    नई दिल्ली। किसानों का मुद्दा उठाने और अमेरिका के साथ भारत की व्यापार संधि में किसानों के हितों से समझौता करने के आरोप लगाने के बाद राहुल गांधी ने शुक्रवार को कई किसान संगठनों के नेताओं से मुलाकात की। राहुल शुक्रवार को संसद भवन परिसर में देश भर के किसान संगठनों के नेताओं से मिले। इस बैठक में भारत और अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ देश भर में आंदोलन शुरू करने और किसानों व खेत मजदूरों की रोजी रोटी बचाने की जरूरत पर बात हुई। किसान नेताओं ने इस व्यापार समझौते का विरोध किया। उनका कहना था कि समझौते...

  • पीएम पर हमले की आशंका थी!

    नई दिल्ली। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा है कि लोकसभा में प्रधानमंत्री के साथ कुछ अप्रत्याशित हो सकता था इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री को लोकसभा में भाषण देने से रोका। उनको आशंका थी कि प्रधानमंत्री के ऊपर सदन के अंदर हमला हो सकता है। स्पीकर ओम बिरला ने गुरुवार को कहा कि बुधवार को लोकसभा में पीएम मोदी के साथ अप्रत्याशित घटना हो सकती थी। इसलिए उनकी कल शाम पांच बजे होने वाली स्पीच टालनी पड़ी। स्पीकर ने कहा, ‘आशंका के चलते मैंने ही उनसे न आने का आग्रह किया था’। मीडिया में गुरुवार को दिन भर सूत्रों के हवाले...

  • राहुल के भाषण पर लगातार दूसरे दिन हंगामा

    नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का दूसरा हफ्ता जबरदस्त हंगामे के साथ शुरू हुआ और मंगलवार को लगातार दूसरे दिन हंगामा जारी रहा। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर मंगलवार को भी हंगामा हुआ। राहुल ने दोपहर दो बजे पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अभी तक नहीं छपी किताब का एक हिस्सा पेश किया, जो आर्टिकल के रूप में एक पत्रिका में छपा है। इसके बाद उन्होंने कहा, ‘मुझे बोलने दिया जाए’। लेकिन उनके इतना कहते ही एनडीए के सांसदों ने टोकना शुरू कर दिया। मंगलवार...

  • संसद में क्षेत्रीय भाषाओं का असर बढ़ रहा है

    संसद का शीतकालीन सत्र कई ऐतिहासिक विधेयकों और कई चर्चाओं का गवाह बना लेकिन एक बात जो बड़ी खास रही वह ये है कि इस सत्र में सांसदों ने क्षेत्रीय भाषाओं का जम कर इस्तेमाल किया। इस बार हिंदी और अंग्रेजी के अलावा सैकड़ों भाषण क्षेत्रीय भाषाओं में हुए। तमिल से लेकर बांग्ला और मराठी तक का इस्तेमाल सांसदों ने किया। गौरतलब है कि संसद के दोनों सदनों से लेकर प्रेस गैलेरी और दर्शकों की दीर्घा में भाषणों के रियल टाइम में अनुवाद सुनने की सुविधा है। इसलिए किसी को समस्या नहीं होती है। हालांकि मंत्रियों के हिंदी बोलने पर...

  • संसद अमेरिका की और भारत की, इतना फर्क!

    किसी भी लोकतंत्र में, सत्ता में कोई भी पार्टी क्यों न हो, ऐसे अधिकारियों को बुलाने, उन्हे जवाबदेह बनाने के कई लाभ हैं। सबसे पहले, यह जवाबदेही सुनिश्चित करता है। चुने हुए प्रतिनिधि कार्यकारी अधिकारियों से सवाल कर सकते हैं, जो जनता की ओर से होता है। इससे भ्रष्टाचार, दुरुपयोग या नीतिगत असफलताओं पर रोशनी पड़ती है। उदाहरण के लिए, अमेरिका में पटेल की सुनवाई से एपस्टीन फाइलों पर जनता को जानकारी मिली, जो अन्यथा छिपी रह सकती थी। अमेरिका की व्यवस्था और राजनीति में हाल फिर एक ऐसी घटना घटी जब एफबीआई निदेशक काश पटेल को कांग्रेस की हाउस...

  • संसद में बहस जरूरी

    एसआईआर संसद के शीतकालीन सत्र में विवाद का बड़ा मुद्दा बनता दिख रहा है। उचित होगा कि सरकार पुराने संसदीय नियमों का हवाला देकर मौजूदा हाल पर बहस को ना रोके। सदन में सबको अपनी बात कहने दी जाए। किसी प्रक्रिया के जारी रहने के दौरान उसके नियम बदलते रहें, तो उसे इसकी मिसाल ही समझा जाएगा कि संबंधित संस्था ने काम शुरू करने के पहले पर्याप्त तैयारी नहीं की। उस हाल में वह प्रक्रिया विवादों से घिरती जाए, यह लाजिमी है। इसकी पूरी जिम्मेदारी संचालक संस्था पर ही आएगी। मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर यह बात पूरी...

  • संसद में भी गलत आंकड़े दिए

    आमतौर पर संसद के पटल को पवित्र माना जाता है और यह धारणा है कि वहां सरकार या विपक्ष का कोई व्यक्ति गलत आंकड़े नहीं पेश करेगा या झूठ नहीं बोलेगा। लेकिन कम से कम एक मामले में यह सामने आया है कि सरकार ने संसद के पटल पर भी गलत जानकारी दी है। यह मामला दिल्ली में कुत्ता काटने से होने वाली मौतों से जुड़ा है। असल में पिछले कुछ समय से दिल्ली और देश के दूसरे हिस्सों में भी में कुत्ता काटने से होने वाली मौतों को लेकर बड़ा विवाद छिड़ा है। सुप्रीम कोर्ट खुद इस मामले की...

  • लाल किले से संसद: सब कुछ ऐंवे ही है!

    चाहें तो इसे नरेंद्र मोदी का पुण्य मानें या पाप जो उनके हाथों सभी का अर्थ, सभी की औकात खत्म है! फिर भले संसद हो, लाल किले पर प्रधानमंत्री के भाषण की रस्म हो या राष्ट्रपति-उप राष्ट्रपति, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, कैबिनेट, मुख्यमंत्रियों के चेहरों या आरएसएस जैसे संगठनों, एनजीओ, देश की आर्थिक-विदेश-समारिक नीति का मामला हो या विश्व में भारत के अर्थ का। सब ऐंवे ही हो गए हैं। गुरूवार को संसद का सत्र खत्म हुआ। और सत्र से संसद का क्या मान बना?  सोचें, याद करें 2014 में संसद और उसका काम कैसा था और अब क्या है?...

  • हंगामे के साथ ही मानसून सत्र समाप्त

    नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर पर हंगामे के साथ शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र इसी मुद्दे पर हंगामे के साथ खत्म हुआ। सत्र के आखिरी दिन गुरुवार को विपक्षी पार्टियों ने एसआईआर के मुद्दे पर हंगामा किया, जिससे  दोनों सदनों का कार्यवाही बाधित हुई। मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हुआ था। एक महीने के इस सत्र में कुल 21 बैठकें हुईं। लोकसभा में 120 घंटे चर्चा का समय तय था लेकिन सिर्फ 37 घंटे ही चर्चा हो सकी। वहीं राज्यसभा में 41 घंटे चर्चा हुई। मानसून सत्र में विपक्षी पार्टियों के...

  • विधानसभा में चर्चा हुई पर लोकसभा में नहीं

    भारतीय जनता पार्टी और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू तर्क दे रहे हैं कि चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर पर संसद में चर्चा नहीं हो सकती है क्योंकि चुनाव आयोग भारत सरकार के किसी विभाग के अधीन नहीं आता है। यह अलग बात है कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति एक पैनल करता है, जिसमें प्रधानमंत्री, उनकी सरकार के एक मंत्री और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष सदस्य होते हैं। इसके बावजूद कहा जा रहा है कि संसद में इस पर चर्चा नहीं हो सकती है। लेकिन सवाल है कि जब संसद में...

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