नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन बिल पेश करने का ऐलान किया है। बुधवार, दो मार्च को लोकसभा में प्रश्नकाल के तुरंत बाद दोपहर 12 बजे वक्फ बिल को पेश किया जाएगा। सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के बीच बिल पर बुधवार को जोर आजमाइश होगी।
भाजपा और कांग्रेस के अलावा जनता दल यू और टीडीपी सहित कई पार्टियों ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है। स्पीकर ओम बिड़ला ने वक्फ बिल पर आठ घंटे चर्चा का समय तय किया है। सत्तापक्ष चार घंटे 40 मिनट का समय मिला है, जबकि विपक्ष को बचा हुआ तीन घंटे 20 मिनट का समय मिला है।
मंगलवार को कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में विपक्षी पार्टियों ने वक्फ बिल पर चर्चा के लिए 12 घंटे का समय तय करने की मांग की। लेकिन स्पीकर ने उसे खारिज करके आठ घंटे का समय तय किया। बाद में संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बिल पर चर्चा का समय बढ़ाया जा सकता है।
अगर चर्चा लंबी होती है तो सदन की भावना के अनुरूप स्पीकर समय बढ़ा सकते हैं। चर्चा पूरी होने के बाद बिल लोकसभा में पास किया जाएगा। लोकसभा से पास होने के बाद राज्यसभा को इस बारे में सूचना दी जाएगी। बहरहाल, विपक्ष ने कार्य मंत्रणा समिति बैठक से वॉकआउट किया। उनका कहना था कि सरकार अपना एजेंडा थोप रही थी विपक्षी सदस्यों की बात नहीं सुन रही थी।
वक्फ बिल पर सियासी टकराव, एनडीए और विपक्ष आमने-सामने
बुधवार को बिल पेश होने की घोषणा के बाद भाजपा ने व्हिप जारी कर अपने सांसदों को सदन में पूरे समय मौजूद रहने को कहा। दूसरी ओर कांग्रेस ने अपने सभी सांसदों को बजट सत्र के बाकी बचे तीनों दिन सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है।
बहरहाल, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘हम बिल पर चर्चा चाहते हैं। सभी राजनीतिक दलों को इस पर बोलने का अधिकार है। देश भी जानना चाहता है कि किस पार्टी का क्या स्टैंड है। अगर विपक्ष चर्चा में शामिल नहीं होना चाहता तो हम उन्हें रोक नहीं सकते’।
इस बीच, एनडीए में शामिल चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी, टीडीपी ने वक्फ संशोधन बिल का समर्थन करने का ऐलान किया है। पार्टी ने कहा है कि वह विधेयक के पक्ष में मतदान करेगी। नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यू भी बिल का समर्थन करेगी क्योंकि संयुक्त संसदीय समिति, जेपीसी में उसने जो सुझाव दिए थे उनको सरकार ने बिल में शामिल कर लिया है। विपक्षी की सभी पार्टियों ने बिल के विरोध का ऐलान किया है।
कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि वह संसद में बिल का विरोध करेगी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है, ‘भाजपा का हर फैसला वोट के लिए होता है। समाजवादी पार्टी वक्फ बिल के खिलाफ है। भाजपा पूरा नियंत्रण चाहती है। प्रशासन के गलत फैसले के कारण भारत की संस्कृति और भाईचारे के खिलाफ खाई पैदा की गई है।
वह कहते थे कि हम तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं, क्या भाजपा ईद पर किट बांटकर तुष्टीकरण नहीं कर रही है’? दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वक्फ बोर्ड सिर्फ सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने का माध्यम बन गया है। उन्होंने कहा कि इससे किसी मुस्लिम का भला नहीं हुआ है।
Also Read: एनडीए के समर्थन में आंकड़े
Pic Credit: ANI
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


