केंद्र ने सोशल मीडिया कंपनियों से मांगा जवाब

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने तीन महीने पहले जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन को लेकर सोशल मीडिया कंपनियों से जवाब मांगा है। सरकार ने बुधवार को प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों को पत्र लिख कर पूछा कि क्या उन्होंने 26 मई से प्रभावी होने वाले नए दिशा-निर्देशों का पालन किया है। सरकार ने इस मामले में बुधवार को ही उनसे जवाब मांगा है। गौरतलब है कि फेसबुक, व्हॉट्सऐप और ट्विटर जैसी कंपनियों को नए नियमों का पालन करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था, जिसके लिए उन्हें भारत में एक अनुपालन अधिकारी नियुक्त करने, शिकायत प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित करने और कानूनी आदेश के 36 घंटे के भीतर कथित सामग्री को हटाने के लिए कहा था। सूचना व प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कंपनियों से जानकारी मांगी है और इस बात पर जोर दिया है कि ‘कंपनियां इसकी पुष्टि करें और अपना जवाब जल्दी से जल्दी और संभवतः आज ही दें’। नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक कंपनियों को एक मुख्य अनुपालन अधिकारी नियुक्त करना है। इसके अला एक नोडल संपर्क व्यक्ति और एक भारत में रहने वाला शिकायत अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया है। भारत में कंपनी का एक भौतिक पता और संपर्क का ब्योरा देने को भी कहा गया है। इस… Continue reading केंद्र ने सोशल मीडिया कंपनियों से मांगा जवाब

Corona Update: मौतों की संख्या तीन लाख के पार, दो से तीन लाख पहुंचने में महज 26 दिन लगे

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वालों की संख्या तीन लाख का आंकड़ा पार कर गई है। भारत में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या दो से तीन लाख पहुंचने में महज 26 दिन लगे हैं। पिछले महीने 27 अप्रैल को देश में मरने वालों की संख्या दो लाख पहुंची थी। मरने वालों की संख्या शून्य से दो लाख पहुंचने में एक साल से ज्यादा समय लगा। गौरतलब है कि देश में कोरोना वायरस का पहला मामला 30 जनवरी 2020 को मिला था। इसका मतलब है कि भारत में संक्रमण से मरने वालों की संख्या दो लाख तक पहुंचने में 15 महीने का समय लगा, जबकि दो से तीन लाख पहुंचने में सिर्फ 26 दिन का समय लगा। मई के महीने में लगभग हर दिन मरने वालों की औसत संख्या चार हजार रही। देश में भले कोरोना संक्रमितों की संख्या कम हो रही है पर मरने वालों की संख्या में कमी नहीं आ रही है। संक्रमण की दर बहुत कम हो जाने के बावजूद मृत्यु दर में कमी नहीं आ रही है। मिसाल के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में संक्रमण की दर ढाई फीसदी से भी कम हो गई है पर संक्रमण से मरने वालों… Continue reading Corona Update: मौतों की संख्या तीन लाख के पार, दो से तीन लाख पहुंचने में महज 26 दिन लगे

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में बढ़ा लॉकडाउन

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की दूसरी लहर में नए केसेज और संक्रमण की दर कम होने के बावजूद राज्य सरकारें कोई जोखिम नहीं लेना चाहती हैं। इसलिए दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में लॉकडाउन आगे बढ़ा दिया गया है। दिल्ली और हरियाणा में अब 24 मई तक सब कुछ बंद रहेगा, जबकि पंजाब में लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ा दिया गया है। ध्यान रहे पंजाब सबसे अधिक मृत्यु दर वाला राज्य बना हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में हुई कुल मौतों में से 40 फीसदी मौतें पिछले डेढ़ महीने में हुई हैं। बहरहाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को बताया कि कोरोना पर काबू पाने के लिए 17 मई को खत्म होने वाले लॉकडाउन को 24 मई तक के लिए बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वैक्सीन की कमी पर केंद्र सरकार को चिठ्ठी भी लिखी है। दिल्ली में पिछले एक महीने से लागू लॉकडाउन को सफल बताते हुए केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में लॉकडाउन का अच्छा असर देखने को मिल रहा है। 26 अप्रैल के बाद से नए मामलों में धीरे-धीरे कमी भी आने लगी है और पिछले दो-तीन दिन में संक्रमण की दर भी घटती हुई देखी जा रही है। धीरे-धीरे… Continue reading दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में बढ़ा लॉकडाउन

Cyclone Tauktae live updates: तूफान का खतरा बढ़ा, पांच की मौत

नई दिल्ली। देश के पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों में चक्रवाती तूफान तौकते का खतरा बढ़ गया है। यह चक्रवाती तूफान रविवार को गोवा के तट से टकराया, जिसकी वजह से गोवा और उससे सटे कर्नाटक के कई इलाकों में भारी बारिश शुरू हो गई है। कर्नाटक के छह तटीय जिले इससे बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। वहां अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। कुल मिला कर इस तूफान की वजह से अब तक पांच लोगों की मौत हुई है। गुजरात, महाराष्ट्र और केरल के साथ सात राज्यों में इसका व्यापक असर होने की आशंका है। कर्नाटक के छह जिलों पर इसका काफी बुरा असर पड़ा है। इन जिलों के 73 गांव इससे प्रभावित हुए हैं। राज्य में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। सभी छह जिलों में पिछले 24 घंटों से भारी बारिश हो रही है और 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है। मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा हालात पर नजर बनाए हुए हैं। तूफान के कारण गोवा के कई जिलों में बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई है, जहां सबसे पहले तूफान तटीय क्षेत्र से टकराया। उधर दक्षिण के राज्यों में केरल में सर्वाधिक असर की आशंका है। वहां… Continue reading Cyclone Tauktae live updates: तूफान का खतरा बढ़ा, पांच की मौत

उत्तर प्रदेश की जेल में गोलीबारी, तीन की मौत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक हैरतअंगेज घटनाक्रम में चित्रकूट की जेल में शुक्रवार को गोलीबारी हो गई, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई है। जेल में बंद पश्चिम उत्तर प्रदेश के अपराधी अंशु दीक्षित ने मुख्तार अंसारी के करीबी मेराज और मुकीम काला की गोली मार कर हत्या कर दी। मेराज बनारस जेल से चित्रकूट भेजा गया था, जबकि मुकीम काला सहारनपुर जेल से लाया गया था। खबरों के मुताबिक अंशु दीक्षित ने गोली चला कर मेराज और मुकीम काला को मार डाला और फिर पुलिस ने अंशु दीक्षित को गोली मार दी। घटना की जांच के लिए इलाहाबाद रेंज के प्रभारी उप महानिरीक्षक कारागार पीएन पांडे को भेजा गया है। घटना के तुरंत बाद जेल में तलाशी कराई गई। कलेक्टर और एसपी दोनों काफी देर तक मौके पर मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट जेल में हुई गोलीबारी के मामले में जेल महानिदेशक से रिपोर्ट मांगी है। मुख्यमंत्री कमिश्नर डीके सिंह, डीआईजी के सत्यनारायण और एडीजी जेल संजीव त्रिपाठी से छह घंटे में मामले की जांच करने को कहा। बहरहाल, बताया जा रहा है कि पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुख्यात अपराधी अंशु दीक्षित ने सुबह की परेड के बाद अपने साथ बंद मेराज अहमद और मुकीम काला पर… Continue reading उत्तर प्रदेश की जेल में गोलीबारी, तीन की मौत

सुशील मोदी की मंत्री बनने की बेचैनी

बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी को जब इस बार राज्य सरकार में जगह नहीं मिली और पार्टी आलाकमान ने उनको राज्यसभा में भेजा तो वे इस तैयारी के साथ दिल्ली आए थे कि आते ही केंद्र में वित्त मंत्री बनेंगे। लेकिन छह महीने बाद भी मंत्री पद मृग मरीचिका की तरह दिख रही है। अभी सरकार में फेरबदल की सुगबुगाहट नहीं है और अगर मंत्रिमंडल में विस्तार होता भी है तो उन्हें कोई अहम पद मिलेगा, इसकी चर्चा नहीं है। सो, वे बुरी तरह से बेचैन और बौखलाए हुए से हैं। तभी वे लगातार ट्विट करके किसी तरह से पार्टी आलाकमान को खुश करने में लगे रहते हैं। उनके ट्विट का एकमात्र निशाना जेल में बंद लालू प्रसाद या एम्स में इलाज करा रहे बीमार लालू प्रसाद होते हैं। लालू प्रसाद के जमानत मिलने के बाद किए अपने बेसिरपैर के ट्विट के लिए वे निशाने पर आए थे। अब एक बार फिर वे निशाने पर हैं धानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुश करने वाले ट्विट की वजह से। सुशील मोदी ने ट्विट किया कि पोलिया का टीका बनाने में दुनिया के 50 साल लग गए, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत ने एक साल के अंदर… Continue reading सुशील मोदी की मंत्री बनने की बेचैनी

पूर्वोत्तर की चिंता में हिमंता को कमान

छह साल पहले कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए हिमंता बिस्वा सरमा को असम का मुख्यमंत्री बनाने का फैसला भाजपा के लिए आसान नहीं था। भाजपा ने वैचारिक प्रतिबद्धता की कसौटी को किनारे करके सरमा को मुख्यमंत्री बनवाया। भाजपा नेताओं को पता है कि सरमा की एकमात्र प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री की कुर्सी है। आज वे भले बदरूद्दीन अजमल को गालियां देते हैं और उनके नाम पर ध्रुवीकरण की राजनीति करते हैं लेकिन एक समय था, जब कांग्रेस में रहते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने अजमल के साथ मिल कर तब के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की सत्ता पलटने का खेल रचा था। यह अलग बात है कि उसमें उनको सफलता नहीं मिली थी। सो, सरमा की वैचारिक प्रतिबद्धता और कुर्सी के लिए उनके मोह के बारे में जानते हुए भी भाजपा आलाकमान ने उनको मुख्यमंत्री बनवाया तो इसका कारण मजबूरी है। असम की भी मजबूरी और समूचे पूर्वोत्तर की चिंता में पार्टी ने उनको राज्य की कमान सौंपी है। जानकार सूत्रों का कहना है कि इस बार सरमा मुख्यमंत्री से कम किसी चीज पर राजी नहीं होने वाले थे। उन्होंने विधानसभा का चुनाव इसी शर्त पर लड़ा था कि चुनाव के बाद वे मुख्यमंत्री बनेंगे। अन्यथा उन्होंने चुनाव लड़ने से मना… Continue reading पूर्वोत्तर की चिंता में हिमंता को कमान

चुनाव आयोग के खिलाफ ममता ने दिया धरना

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव प्रचार करने पर 24 घंटे की पाबंदी लगाने के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ मंगलवार को कोलकाता में महात्मा गांधी की मूर्ति के आगे धरना दिया। ममता बनर्जी दोपहर 12 बजे धरना शुरू किया और तीन घंटे तक धरने पर बैठी रहीं। उनकी पार्टी ने बताया कि चुनाव आयोग की ओर से लगाई गई पाबंदी की सीमा रात आठ बजे खत्म हो गई, जिसके बाद उन्होंने दो चुनावी सभाओं को संबोधित किया। बरासात में चुनावी रैली में ममता ने केंद्र पर जम कर निशाना साधा और कहा कि भाजपा को हार दिख रही है इसलिए वह केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। इस बीच ममता बनर्जी के धरने का समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने समर्थन किया। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रमुख अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए ट्विटर पर कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के चुनाव प्रचार पर रोक लगवाना दरअसल चुनाव हारती हुई भाजपा की हताशा का प्रतीक है। उन्होंने कहा- सपा ममता बनर्जी जी के धरने में सांकेतिक रूप से साथ है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि श्मशान-कब्रिस्तान के धार्मिक बंटवारे के बयान देने वालों पर भी निष्पक्ष चुनाव… Continue reading चुनाव आयोग के खिलाफ ममता ने दिया धरना

सामान्य से अच्छी बारिश के आसार

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों से आंदोलित और परेशान किसानों के लिए अच्छी खबर है। इस साल मॉनसून समय पर आएगा और सामान्य से अच्छी बारिश होने के आसार भी हैं। मौसम की जानकारी देने वाली निजी संस्था स्काईमेट वेदर सर्विसेज ने बताया कि भारत में इस साल जून से सितंबर के दौरान औसत बारिश 907 मिलीमीटर हो सकती है। ऐसे आमतौर पर पूरे भारत में चार महीनों के दौरान 880.6 मिलीमीटर बारिश होती है, जिसे एलपीए यानी लांग पीरियड एवरेज कहते हैं। स्काईमेट एलपीए को ही औसत मान कर अनुमान लगाता है। इसके मुताबिक इस साल 907 मिलीमीटर बारिश होने की संभावना है यानी 2021 में मॉनसून के दौरान 103 फीसदी बारिश होने की संभावना है। गौरतलब है कि 96 से लेकर 104 फीसदी तक की बारिश को सामान्य से बेहतर बारिश कहा जाता है। 2019 में यह आंकड़ा 110 फीसदी और 2020 में 109 फीसदी रहा था। अब 2021 में लगातार तीसरे साल भी मॉनसून बेहतर रहने का अनुमान है। स्काईमेट की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जून में 177 मिलीमीटर बारिश हो सकती है, जबकि जुलाई में 277, अगस्त में 258 और सितंबर में 197 मिलीमीटर बारिश होने की उम्मीद है। खास बात… Continue reading सामान्य से अच्छी बारिश के आसार

अब ट्रिपल इंजन की सरकार का नारा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डबल इंजन की सरकार का एक नारा दिया था। जिस राज्य में भाजपा की सरकार नहीं है वहां वे डबल इंजन की सरकार के जरिए विकास का वादा करते हैं और डबल इंजन की सरकार बनाने की अपील करते हैं। यह अलग बात है कि पांच साल तक डबल इंजन की सरकार जिस राज्य में भी चली है वहां भाजपा का जीतना मुश्किल रहा है। या तो भाजपा चुनाव हार गई है या उसकी सीटें बहुत कम हुई हैं। यह स्थिति गुजरात में भी हुई, जहां भाजपा को बड़ा नुकसान हुआ। हालांकि बाद में कांग्रेस के विधायकों को तोड़-तोड़ कर भाजपा ने अपनी संख्या बढ़ा ली। बहरहाल, अब डबल इंजन के बाद ट्रिपल इंजन की सरकार का नारा आ गया है क्योंकि भाजपा का सर्वोच्च नेतृत्व अब नगर निगम और पंचायत चुनावों के प्रचार में भी उतर गया है। पिछले दिनों केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने पहली बार ट्रिपल इंजन की सरकार का नारा दिया। उन्होंने अपने राज्य हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा को वोट देने की अपील करते हुए कहा कि राज्य में डबल इंजन की सरकार पहले से चल रही है और अगर स्थानीय निकाय में भाजपा… Continue reading अब ट्रिपल इंजन की सरकार का नारा

महा विकास अघाड़ी का मामला सुलझा

शरद पवार की क्या राजनीति है, इस पर कांग्रेस में इन दिनों बहुत मंथन चल रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी प्रचार में नहीं जा रही हैं लेकिन ऐसा नहीं है कि उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया है। वे परदे के पीछे अभी सक्रिय हैं। इस समय उनकी सबसे बड़ी चिंता शरद पवार की राजनीति है। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों जब पवार की बेटी सुप्रिया सुले उनसे मिलने गई थीं तब उन्होंने इस बारे में बात की थी। सोनिया ने उनसे दो टूक पूछा था कि उनके पिता शरद पवार की क्या राजनीति है? बताया जा रहा है कि सोनिया ने खास तौर से यह पूछा था कि क्या शरद पवार भाजपा के साथ जाने पर भी विचार कर रहे हैं? वे यह भी जानना चाहती थीं कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए को लेकर उनकी क्या सोच है? जानकार सूत्रों के मुताबिक सुप्रिया ने सोनिया को भरोसा दिलाया कि शरद पवार का यूपीए से अलग होने का कोई इरादा नहीं है। इसके आगे कांग्रेस नेता चुप्पी साध लेते हैं पर एक हफ्ते पहले ही कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने पत्रकारों से औपचारिक बातचीत में यह संकेत दे दिया था कि मामला जल्दी ही सुलझ… Continue reading महा विकास अघाड़ी का मामला सुलझा

कोरोना की बढ़ती चुनौती

कोरोना वायरस महामारी में नया पहलू जुड़ गया है। कोविड-19 वायरस के नए संस्करण (स्ट्रेन) दुनिया के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। इनकी वजह से अमेरिका सहित कई देशों में कोरोना वायरस संक्रमण की अगली लहर आ चुकी है। अब विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अभी चल रहे टीकाकरण का लाभ तभी टिकाऊ रहेगा, जब जल्द से जल्द दुनिया भर में सभी लोगों का टीकाकरण हो जाए। वरना, ऐसे स्ट्रेन उभर आएंगे, जो मौजूदा वैक्सीनों को बेअसर कर देंगे। अब तक कोरोना वायरस के पांच नए स्ट्रेन की पहचान हो चुकी है। ऐसी आशंका जताई गई है कि इन नए स्ट्रेन की संक्रामक क्षमता अधिक तीव्र हो सकती है। ये भी संभव है कि इनकी वजह से मृत्यु दर बढ़ जाए। जो पांच स्ट्रेन सामने हैं, उनमें एक ब्रिटिश वर्जन और एक का उत्पत्ति स्थल जापान या ब्राजील रहा है। एक वैरिएंट दक्षिण अफ्रीका सबसे पहले में पाया गया। जबकि दो के उत्पत्ति स्थल अमेरिका का कैलिफोर्निया राज्य है। इनके बीच कम से कम एक स्ट्रेन को सुपरस्प्रेडर माना जा रहा है। यानी इसकी संक्रमण करने की क्षमता अधिक है। ये क्षमता 50 से 70 प्रतिशत तक अधिक देखी गई है। इस वर्जन की अमेरिका पर तगड़ी मार… Continue reading कोरोना की बढ़ती चुनौती

सुप्रीम कोर्ट के सम्मान की धज्जियां!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को केरल में चुनाव प्रचार करते हुए केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन पर तीखा हमला किया और आरोप लगाया कि राज्य की वामपंथी सरकार धार्मिक स्थलों को अस्त-व्यस्त किया। उन्होंने सबरीमाला मंदिर के भक्तों को रोकने और उनके साथ सख्ती करने के लिए भी राज्य सरकार की आलोचना की। सोचें, एक राज्य के मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने के लिए सारे उपाय किए तो उसकी तारीफ करने की बजाय देश का प्रधानमंत्री इसके लिए उसकी आलोचना कर रहा है! सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच ने चार-एक के बहुमत से फैसला सुनाया था कि हर उम्र की महिला को मंदिर में प्रवेश की अनुमति होगी। सबरीमाला के भक्तों और मंदिर प्रबंधन ने इसका विरोध किया और युवा महिलाओं के प्रवेश करने से रोका। राज्य सरकार ने पूरी सख्ती करके सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराया। क्या इसके लिए मुख्यमंत्री की आलोचना हो सकती है? सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में मंदिर निर्माण का फैसला सुनाया तो खुद प्रधानमंत्री ने जाकर शिलान्यास किया और सबरीमाला के मामले में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया तो प्रधानमंत्री उसकी आलोचना कर रहे थे। अब भले सबरीमाला का मामला… Continue reading सुप्रीम कोर्ट के सम्मान की धज्जियां!

कर्नाटक में नैतिकता के नए पैमाने

कर्नाटक की भाजपा सरकार के नेता, मंत्री नैतिकता के नए पैमाने गढ़ रहे हैं। हैरानी की बात है नैतिकता, पवित्रता, आचरण आदि की सबसे ज्यादा बात करने वाली पार्टी या उसके मातृ संगठन आरएसएस की ओर से इस बारे में पहल करके कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। यह तब हो रहा है, जब भाजपा के संगठन महामंत्री बीएल संतोष कर्नाटक के ही हैं। ध्यान रहे राज्य की भाजपा सरकार के एक मंत्री रमेश जारकिहोली सेक्स सीडी के मामले में फंसे तो उनको इस्तीफा देना पड़ा है। वह सीडी आने के बाद छह मंत्रियों ने अदालत में जाकर अपने बारे में ऐसी किसी सीडी पर रोक लगाने की मांग की और अदालत ने रोक भी लगा दी।
अब संभावित सीडी पर रोक लगवाने वाले एक मंत्री के सुधाकर ने कहा है कि कर्नाटक विधानसभा के सदस्यों में कोई दूध से धुला नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी 225 विधायकों की जांच होनी चाहिए, जिससे पता चले कि उनके दूसरी महिलाओं से संबंध हैं या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि सब मर्यादा पुरुषोत्तम बन रहे हैं, जांच हो तो हकीकत का पता चले। उन्होंने विपक्ष के नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और एचडी कुमारस्वामी के साथ साथ पूर्व स्पीकर का भी नाम लिया और सवालिया लहजे में कहा कि क्या ये सब लोग पाक-साफ हैं? सोचें, भाजपा का एक मंत्री सभी विधायकों के बदचलन होने की बात करके खुद की संभावित बदचलनी को सही ठहराने का प्रयास कर रहा है!

अमेरिकाः बंदूकबाजी कैसे रुके ?

अमेरिका यों तो अपने आप को दुनिया का सबसे अधिक सभ्य और प्रगतिशील राष्ट्र कहता है लेकिन यदि आप उसके पिछले 300-400 साल के इतिहास पर नजर डालें तो आपको समझ में आ जाएगा कि वहां इतनी अधिक हिंसा क्यों होती है। पिछले हफ्ते अटलांटा और कोलेरोडो में हुई सामूहिक हत्याओं के बाद राष्ट्रपति जो बाइडन ने ‘आक्रामक हथियारों’ पर तत्काल प्रतिबंध की मांग क्यों की है ? पिछले एक साल में 43500 लोग बंदूकी हमलों के शिकार हुए हैं। हर साल अमेरिका में बंदूकबाजी के चलते हजारों निर्दोष, निहत्थे और अनजान लोगों की जान जाती है, क्योंकि वहां हर आदमी के हाथ में बंदूक होती है। अमेरिका में ऐसे घर ढूंढना मुश्किल है, जिनमें एक-दो बंदूकें न रखी हों। इस समय अमेरिका में लोगों के पास 40 करोड़ से ज्यादा बंदूकें हैं। बंदूकें भी ऐसी बनती हैं, जिन्हें पिस्तौल की तरह आप अपने जेकेट में छिपाकर घूम सकते हैं। बस, आपको किसी भी मुद्दे पर गुस्सा आने की देर है। जेकेट के बटन खोलिए और दनादन गोलियों की बरसात कर दीजिए। अब से ढाई-सौ तीन-सौ साल पहले जब यूरोप के गोरे लोग अमेरिका के जंगलों में जाकर बसने लगे तब वहां के आदिवासियों ‘रेड-इंडियंस’ के साथ उनकी जानलेवा मुठभेड़ें… Continue reading अमेरिकाः बंदूकबाजी कैसे रुके ?

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