वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए ग्रैप के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू कर दी हैं।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शुक्रवार को बताया कि ग्रैप-3 लागू होने के साथ ही दिल्ली में बीएस-4 और इससे नीचे के मानक वाले डीजल वाहनों तथा बीएस-3 और इससे नीचे के मानक वाले पेट्रोल वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी गयी है। यह प्रतिबंध दिल्ली के साथ-साथ दूसरे राज्यों में पंजीकृत वाहनों पर भी लागू होगा।
श्री सिरसा ने बताया कि डीजल से चलने वाले भारी वाहनों और हल्के वाणिज्यिक वाहनों (एलसीवी) पर भी प्रतिबंध रहेगा, यदि वे बीएस-4 या इससे नीचे के उत्सर्जन मानकों वाले हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये पाबंदियां दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोनीपत में भी लागू होंगी।
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इसके साथ ही पांचवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को अनिवार्य रूप से हाइब्रिड मोड में संचालित करना होगा, ताकि अभिभावकों और विद्यार्थियों को ऑनलाइन तथा ऑफलाइन पढ़ाई का विकल्प मिल सके।
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार से मौसम की स्थिति और प्रतिकूल हो सकती है। हवा की गति लगभग शून्य के करीब पहुंचने की आशंका है, जिससे वातावरण में प्रदूषक तत्व जमा होंगे और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में और बढ़ोतरी हो सकती है। हवा का ठहराव प्रदूषण की स्थिति को अधिक गंभीर बना सकता है।
श्री सिरसा ने दिल्लीवासियों से ग्रैप-3 के तहत लागू प्रतिबंधों का पालन करने और सरकार के प्रयासों में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रतिबंध तब तक प्रभावी रहेंगे, जब तक ग्रैप का तीसरा चरण लागू रहेगा। उन्होंने जोर दिया कि प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार के साथ-साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।
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