नई दिल्ली। अप्रैल में सरकार को वस्तु व सेवा कर यानी जीएसटी से 2.42 लाख करोड़ रुपए का राजस्व मिला है। जीएसटी लागू होने के बाद पिछले करीब नौ साल में यह एक महीने के संग्रह का सबसे बड़ा आंकड़ा है। सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष के इसी महीने के मुकाबले जीएसटी कलेक्शन में 8.7 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे पहले सबसे ज्यादा कलेक्शन अप्रैल 2025 में 2.23 लाख करोड़ रहा था।
अप्रैल के महीने का जीएसटी कलेक्शन आमतौर पर साल के दूसरे महीनों के मुकाबले ज्यादा होता है। इसका कारण यह है कि मार्च में वित्त वर्ष खत्म होते समय कंपनियां अपने पूरे साल के खातों का मिलान करती हैं और बकाया टैक्स का भुगतान अप्रैल में करती हैं।
बहरहाल, अप्रैल 2026 में नेट जीएसटी कलेक्शन 2.11 लाख करोड़ रुपए दर्ज किया गया। इसमें सालाना आधार पर 7.3 फीसदी की बढ़ोतरी रही। अप्रैल में कुल रिफंड पिछले साल के मुकाबले 19.3 फीसदी बढ़ कर 31,793 करोड़ रुपए पहुंच गया है। रिफंड की रकम हटाने के बाद सरकार का शुद्ध राजस्व करीब दो लाख 11 हजार करोड़ रुपए का रहा। जीएसटी कलेक्शन में बढ़ोतरी में विदेशी व्यापार का बड़ा हाथ रहा है।
आयात से मिलने वाला राजस्व 25.8 फीसदी की बढ़त के साथ 57,580 करोड़ रुपए हो गया है। विदेशी व्यापार का कलेक्शन हटाने के बाद घरेलू राजस्व 4.3 फीसदी की सामान्य बढ़त हुई है। यह 1.85 लाख करोड़ रहा। अगर राज्यों के प्रदर्शन की बात करें तो महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात जैसे बड़े राज्यों ने जीएसटी में सबसे ज्यादा योगदान दिया है।
