नई दिल्ली। राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने मंगलवार को यह लाइन दोहराई। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा लेकर रहेंगे, चाहे इसमें जितना समय लगे और जितना आंदोलन करना पड़े। लगातार कई दिन के प्रदर्शन के बाद मंगलवार को विपक्ष की एक दर्जन पार्टियों के नेता राहुल गांधी के घर पर इकट्ठा हुए। वहां ‘इंडिया’ ब्लॉक की बैठक हुई। करीब दो घंटे की इस बैठक के बाद सभी नेताओं ने बाहर आकर साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सभी नेताओं ने अपनी बात रखी।
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेना हमारा मिशन है। इसमें जितना भी समय लगे, एक दिन, एक साल या दो साल, हमारा आंदोलन जारी रहेगा’। राहुल ने आगे कहा, ‘विपक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने के लिए अंत तक संघर्ष करेगा’। जंतर मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों की सूची से हटाने के मुद्दे पर राहुल ने कहा, ‘सरकार ने तय कर लिया है कि जंतर मंतर का इस्तेमाल लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए नहीं किया जा सकता। हम सरकार की इस सोच को चुनौती देंगे’।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार और अन्य लोगों को समझना होगा कि संविधान को नुकसान पहुंचा कर बच निकलना इतना आसान नहीं होगा। ऐसे लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा देश में लोकतंत्र को नष्ट कर दिया गया है। चुनावी व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया गया है और संविधान को फाड़कर फेंक दिया गया है’।
राहुल ने मीडिया से कहा, ‘यह लड़ाई हमारे लिए नहीं, भारत के लोगों और उनके भविष्य के लिए है। हम सभी मिलकर देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने के लिए अंत तक लड़ेंगे। कोई भी संस्था अपनी भूमिका निभाए या न निभाए, राजनीतिक विरोध जारी रहेगा, जनता का संघर्ष जारी रहेगा और अंत में उसकी जीत होगी’। उन्होंने आगे कहा, ‘विपक्ष का संघर्ष जारी रहेगा और वह अपने लक्ष्य तक पहुंचकर रहेगा। इसमें कल, परसों या दो साल भी लग जाएं, हमारी टीम रुकने वाली नहीं है’।
पिछले आठ दिन में विपक्षी नेताओं की यह छठी बैठक थी। इसमें राहुल के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार की एनसीपी की नेता सुप्रिया सुले, सीबीआई महासचिव डी राजा, राजद के तेजस्वी यादव, उद्धव ठाकरे की शिव सेना के संजय राउत और अन्य नेता शामिल हुए। सीपीआई एमएल के छात्र संगठन आईसा की नेता नेहा बोरा भी बैठक में शामिल हुईं। बाद में उन्होंने भी मीडिया के सामने अपनी बात रखी। गौरतलब है कि एक दिन पहले सोमवार को विपक्ष ने ‘चलो दिल्ली मार्च’ किया था और सुप्रीम कोर्ट जाकर मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और एसआईआर रद्द करने की याचिका दी थी।
