नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने महाभियोग प्रस्ताव पेश कर दिया है। जानकार सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस की ओर से यह प्रस्ताव पेश किया गया। इसे विपक्ष ने एक साथ दोनों सदनों यानी लोकसभा और राज्यसभा में पेश किया है। बताया जा रहा है कि इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त पर सात आरोप लगाए गए हैं। विपक्ष ने उनके ऊपर पद पर रहते हुए भेदभावपूर्ण आचरण और पक्षपात का आरोप लगाया है। साथ ही बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटने और चुनावी धोखाधड़ी की जांच में जान बूझकर बाधा डालने का आरोप भी लगाया है।
जानकार सूत्रों के मुताबिक लोकसभा में कुल 128 विपक्षी सांसदों और राज्यसभा में 63 सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग वाले प्रस्ताव पर दस्तखत किए हैं। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया जा रहा है कि दोनों सदनों के प्रस्ताव पर दो सौ से ज्यादा सांसदों के दस्तखत हैं। गौरतलब है कि संविधान के अनुच्छेद 324(5) में कहा गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को केवल उसी प्रक्रिया और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है, जिससे सुप्रीम कोर्ट के किसी जज को हटाया जाता है।
बहरहाल, एक दिन पहले तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने बताया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और शरद पवार की एनसीपी के सांसदों ने इस प्रस्ताव पर दस्तखत किए हैं। उन्होंने कहा, ‘महाभियोग प्रस्ताव लाने का फैसला हमारी नेता ममता बनर्जी ने लिया था। हम यह प्रस्ताव लाए हैं। हमने इस पर दस्तखत किए हैं, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, शरद पवार की पार्टी और डीएमके ने भी इस पर दस्तखत किए हैं’।
