नागोया। जापान की संस्कृति और मेहमाननवाजी की शानदार झलक के साथ संगीत और रोशनी से सजे भव्य समारोह में रविवार को आइची-नागोया एशियाई खेलों का समापन हो गया। भारत 21 स्वर्ण सहित 85 पदकों के साथ पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक जीते। कुल 85 पदकों का प्रदर्शन चीन के हांग्झोउ में हुए पिछले एशियाई खेलों के मुकाबले 21 पदक कम रहा।
चीन लगातार 12वें एशियाई खेलों में पदक तालिका में शीर्ष पर रहा। उसने 169 स्वर्ण, 89 रजत और 83 कांस्य सहित कुल 341 पदक जीते। विदेश में आयोजित एशियाई खेलों में यह चीन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।मेजबान जापान 83 स्वर्ण, 95 रजत और 91 कांस्य सहित 269 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। दक्षिण कोरिया ने 39 स्वर्ण, 43 रजत और 68 कांस्य पदक जीते।
दो सप्ताह से अधिक समय तक चली कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद एशिया के 45 देशों के खिलाड़ी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में समापन समारोह में शामिल हुए। खेलों के दौरान 350 से अधिक रिकॉर्ड बने, जिनमें कम से कम 50 विश्व रिकॉर्ड शामिल हैं। हालांकि आयोजन से पहले खेल लॉजिस्टिक समस्याओं और कुप्रबंधन से प्रभावित रहे थे।
करीब 90 मिनट तक चले समापन समारोह में एशिया ओलंपिक परिषद (ओसीए) के अध्यक्ष शेख जुआन बिन हमद अल थानी ने खेलों के समापन की घोषणा की। इसके बाद ओसीए का ध्वज 2030 एशियाई खेलों की आयोजन समिति के प्रतिनिधि को सौंपा गया। अगले एशियाई खेल दोहा में होंगे। ओसीए ध्वज दोहा को सौंपने से संबंधित कार्यक्रम में कतर के ओलंपिक और विश्व चैंपियन मुताज बाशिम भी शामिल हुए।
ट्रैप निशानेबाज नीरू ढांडा के नेतृत्व में भारतीय दल ने भी उत्सवी माहौल में हिस्सा लिया। दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतने वाली नीरू के साथ सफेद और नीले रंग की पोशाक पहने लगभग 30 भारतीय खिलाड़ियों और अधिकारियों ने एथलीट परेड में हिस्सा लिया और तिरंगा लहराया।समापन समारोह की ‘वन एशिया’ अवधारणा को अभिव्यक्त करने के लिए स्टेडियम के बीचोंबीच षट्भुजाकार मंच बनाया गया था। यह समारोह का मुख्य आकर्षण रहा। भव्य समापन के दौरान इसे लालटेन से सजाया गया, जो जापानी गर्मियों का विशिष्ट प्रतीक है।
ओसीए अध्यक्ष शेख जुआन बिन हमद अल थानी ने कहा कि आइची-नागोया एशियाई खेलों ने एशियाड के लिए मानक ऊंचा किया है। उन्होंने कहा, ‘मैं आइची-नागोया एशियाई खेलों को आधिकारिक रूप से समाप्त घोषित करता हूं।’
अल थानी ने कहा, ‘आज रात आइची-नागोया 2026 का ध्वज उतारते हुए हम इन खेलों का समापन करते हैं। लेकिन हम एशियाई खेलों के लिए मानक ऊंचा करते हैं। लौ बुझ सकती है, लेकिन इसने जिन उम्मीदों को प्रज्वलित किया है, वे हमारे महाद्वीप में उज्ज्वल रूप से जलती रहेंगी।’ उन्होंने कहा, ‘हमने शानदार वापसी, अंतिम सेकेंड में मिली जीत और नाटकीय रूप से मामूली अंतर से मिली हार देखी है। हमने नए किशोर सुपरस्टारों और अनुभवी चैंपियनों के उभरने का जश्न मनाया है, जिन्होंने अपनी प्रभावशाली विरासत में और उपलब्धियां जोड़ी हैं।’
ओसीए अध्यक्ष ने कहा, ‘हमने खिलाड़ियों को विपरीत परिस्थितियों और चोटों से जूझते हुए जीत हासिल करते देखा है और प्रतिद्वंद्वियों को अविश्वसनीय खेल भावना और सम्मान का प्रदर्शन करते देखा है।’
