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भारत-इटली, रणनीतिक साझेदार

रोम। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से दोपक्षीय वार्ता के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की यात्रा का समापन होगा। अपनी पांच दिन की यात्रा का आखिरी चरण में वे मंगलवार की शाम को इटली पहुंचे थे। बुधवार को उन्होंने प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ दोपक्षीय वार्ता की और फिर दोनों नेताओं ने साझा प्रेस ब्रीफिंग की। मोदी ने मेलोनी की तारीफ करते हुए कहा कि उनके साथ भारत का बेहतर सहयोग और सामंजस्य बना है। मोदी ने कहा कि मेलोनी के नेतृत्व में दोनों देशओं संबंधों को नई गति, नई दिशा और नया आत्मविश्वास मिला है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि हम अपने संबंधों को अपग्रेड करते हुए विशेष रणनीतिक साझेदारी की घोषणा कर रहे हैं। आज की बैठक में हमने हमारी भावी साझेदारी को और सशक्त बनाने के लिए विस्तृत रूप से चर्चा की’। मोदी ने कहा, ‘भारत-इटली ज्वाइंट स्ट्रेटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029 हमारी साझेदारी को एक व्यावहारिक और फ्यूचरिस्टिक ढांचा प्रदान करता है। हम इस पर समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहे हैं’।

मोदी ने प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को भारत आने का न्योता भी दिया। मोदी ने कहा कि रोम को दुनिया में ‘इटरनल सिटी’ कहा जाता है। भारत में उनकी लोकसभा सीट काशी को भी इसी तरह जाना जाता है। मोदी ने कहा, ‘जब दो सभ्यताएं मिलती हैं, तो बातचीत सिर्फ एजेंडे तक सीमित नहीं रहती। उसमें इतिहास की गहराई, भविष्य की झलक और दोस्ती की सादगी दिखाई देती है’।

साझ ब्रीफिंग में मेलोनी ने कहा कि इटली और भारत पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारे रिश्ते अब अपनी पूरी क्षमता दिखाने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। पिछले साढ़े तीन सालों में मेरी पीएम मोदी के साथ सात मुलाकातें हुई हैं। इन बैठकों के दौरान हमने एक-दूसरे के नजरिए को गहराई से समझा है। हमने सम्मान और आपसी भरोसे से एक ईमानदार दोस्ती बनाई है’।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “इटली विश्व में डिजाइन और सटीकता के लिए जाना जाता है। भारत की पहचान स्केल, टेलेंट और अफोर्डेवल इनोवेशन के पावर हाउस की है। इसलिए हम ‘डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया एंड इटली एंड डिलीवर फॉर वर्ल्ड’ सिद्धांत पर आगे बढ़ेंगे”।

गौरतलब है कि भारत और इटली के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है और इसे 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में चार सौ से ज्यादा इतालवी कंपनियां काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक और इनोवेशन भारत-इटली साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत हैं। दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सिविल न्यूक्लियर एनर्जी और स्पेस जैसे क्षेत्रों में साथ काम करेंगे। इसके लिए भारत-इटली इनोवेशन सेंटर पर भी काम चल रहा है, जो स्टार्टअप, रिसर्च सेंटर और कारोबार को जोड़ने में मदद करेगा।

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