नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपनी हवाई औऱ रणनीतिक ताकत मजबूत करने में लगे भारत ने 114 और राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का फैसला किया है। भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद यानी डीएसी ने गुरुवार को फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसमें से कुछ विमान भारत में बनेंगे। इस सौदे की कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपए बताई जा रही है। डीएसी की मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति यानी सीसीएस के पास भेजा जाएगा।
जानकार सूत्रों का कहा है कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के 17 से 20 फरवरी के बीच होने वाले दिन दिन के भारत दौरे पर सौदे पर दस्तखत हो सकता है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, नए राफेल विमानों की खरीद से वायु क्षमता मजबूत होगी और सीमावर्ती इलाकों में तैनाती की क्षमता मजबूत होगी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी ने राफेल विमानों के अलावा कॉम्बैट मिसाइलों और एयरशिप बेस्ड हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सेटेलाइट्स के खरीद प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
डीएसी में जिन सौदों को मंजूरी दी गई है उनकी कुल कीमत 3.60 लाख करोड़ रुपए है। गौरतलब है कि आम बजट 2026-27 में रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जो कुल बजट का 14.67 फीसदी है। सेना के आधुनिकीकरण के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपए तय किए गए। इनमें से 1.85 लाख करोड़ रुपए पूंजीगत खरीद के लिए रखे गए हैं, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 24 फीसदी अधिक है।
