नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच होने वाली व्यापार संधि टल गई है। कहा जा रहा है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगाए टैरिफ को अवैध घोषित करने के बाद स्थितियां बदल गई हैं। हालांकि भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोनों देशों के बीच संधि नहीं हुई थी इसलिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का कोई असर नहीं होगा। दोनों ने सिर्फ फ्रेमवर्क की बात की थी। जानकार सूत्रों का कहना है कि अब इस संधि तभी दस्तखत होगा, जब अमेरिका अपना नया ग्लोबल टैरिफ स्ट्रक्चर तैयार कर लेगा।
भारत और अमेरिका के बीच यह व्यापार संधि इसी महीने यानी मार्च में होने वाली थी। इस बीच अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इमरजेंसी अधिकारों का इस्तेमाल करके टैरिफ लगाने के राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले को अवैध घोषित कर दिया। इस वजह से ट्रंप प्रशासन को अब ग्लोबल ट्रेड के लिए एक नया फ्रेमवर्क तैयार करना पड़ रहा है। जब तक टैरिफ का नया ढांचा नहीं आता, तब तक अमेरिका ने ट्रेड टैरिफ एक्ट 1974 के तहत सभी देशों पर अस्थायी रूप से 10 से 15 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। यह व्यवस्था पांच महीने तक लागू रहेगी।
भारत सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार संधि की बारीकियों पर काम कर रही है, लेकिन इस पर दस्तखत तभी होगा, जब अमेरिका का नया टैरिफ ढांचा तैयार हो जाएगा। गौरतलब है कि भारत ने पहले कुछ खास उत्पादों के लिए 18 फीसदी की टैरिफ दर तय की थी। अधिकारी ने कहा कि अगर अमेरिका का नया टैरिफ ढांचा पहले जैसा ही रहता है, तो दरें वही रहेंगी, अन्यथा इनमें बदलाव भी संभव है। भारत ने यह भी साफ कर दिया है कि भारत की स्थिति मलेशिया जैसी नहीं होगी क्योंकि भारत ने मलेशिया की तरह कोई समझौता नहीं किया है।
