नई दिल्ली। ईरान ने भारत द्वारा जब्त किए गए अपने तीन टैंकर छोडने की मांग की है। बताया जा रहा है कि कुछ महीने पहले अवैध रूप से समुद्र में शिप टू शिप ट्रांसफर करने के आरोप में ईरान के तीन टैंकर पकड़े गए थे। बताया जा रहा है कि ईरान ने होरमुज की खाड़ी में रास्ता देने के बदले भारत से इन तीन टैंकरों को छोड़ने की मांग की है। गौरतलब है कि भारत ने ईरान के एक युद्धपोत को अपने तट पर रूकने की इजाजत भी दी है।
जानकार सूत्रों का कहना है कि ईरान के राजदूत ने नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से सोमवार को मुलाकात की और इस बारे में बात की है। यह भी बताया जा रहा है कि ईरान ने भारत से कुछ दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की सप्लाई की भी मांग की है। गौरतलब है कि भारत ने फरवरी में एस्फाल्ट स्टार, अल जाफ्जिया और स्टेलर रूबी नाम के तीन टैंकर जब्त किए थे। कहा जा रहा है इन जहाजों ने अपनी पहचान छिपाई और समुद्र में अवैध शिप टू शिप ट्रांसफर में हिस्सा लिया था। फिलहाल ये टैंकर मुंबई के पास लंगर डाले हुए हैं।
गौरतलब है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए होरमुज की खाड़ी से भारतीय जहाजों और टैंकरों का गुजरना बेहद अहम है, क्योंकि देश का करीब 40 फीसदी कच्चा तेल और 90 फीसदी एलपीजी आयात इसी क्षेत्र से होता है। फारस की खाड़ी में अब भी 22 भारतीय जहाज और 611 भारतीय नाविक मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा और आवाजाही पर नजर रखी जा रही है
