नई दिल्ली। ईरान ने नई चेतावनी जारी की है। उसने कहा है कि अगर अमेरिका उसकी जमीन पर अपने सैनिक उतारता है और खार्ग द्वीप को कब्जा करने की कोशिश करता है तो ईरान तेल के दूसरे रास्तों पर भी हमला करेगा। ईरान ने कहा कि जैसे उसने होरमुज की खाड़ी को बंद कर दिया है उसी तरह बाब अल मंदेब खाड़ी को बंद कर देगा। गौरतलब है कि बाब अल मंदेब खाड़ी लाल सागर का एंट्री प्वाइंट है। यह लाल सागर को अरब सागर से जोड़ता है। स्वेज नहर तक जाने वाले जहाज इसी रास्ते से गुजरते हैं। खबर है कि अमेरिका जापान से अपने सैनिकों को ईरान ला रहा है और उससे पहले ईरान ने खार्ग द्वीप पर अपनी घेराबंदी बढ़ा दी है।
बहरहाल, दुनिया के करीब 12 फीसदी तेल की आपूर्ति बाब अल मंदेब खाड़ी से गुजरती है। यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शिपिंग रूट है। बाब अल मंदेब अफ्रीकी देश जिबूती में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने से सिर्फ 30 किलोमीटर की दूरी पर है। अगर तेल की आपूर्ति के इस रास्ते में भी बाधा आती है, तो पश्चिम एशिया में न सिर्फ संघर्ष बढ़ जाएगा, बल्कि पूरी दुनिया में तेल और गैस का आपूर्ति शृंखला और बुरी तरह से प्रभावित होगी। कच्चे तेल की कीमतों में बेहिसाब बढ़ोतरी होगी।
असल में कहा जा रहा है कि अमेरिका अपनी 82वीं डिवीजन को ईरान की जमीन पर उतारने के तैयारी कर रहा है। उसने खार्ग द्वीप पर ईरान की सैन्य क्षमता नष्ट कर दी है। अब वह वहां के सबसे बड़े तेल ठिकाने पर कब्जा करना चाहता है। गौरतलब है कि खार्ग द्वीप से ही ईरान के लगभग 90 फीसदी तेल की सप्लाई होती है। तभी ईरान ने अमेरिका की 82वीं डिवीजन के लिए कहा है कि जो ईरान में घुसेगा वह ताबूत में जाएगा। ईरान ने मिसाइलों पर 82वीं लहर लिख कर निशाना लगा रहा है।
इस बीच यह भी खबर है कि अमेरिका और इजराइल ईरान के विदेश मंत्री और संसद यानी मजलिस के प्रमुख को मारने पर विचार कर रहे थे। लेकिन पाकिस्तान के कहने पर दोनों का नाम सूची से हटाया गया है। पाकिस्तान ने कहा कि अगर इन दोनों को मारा गया तो कोई भी बात करने को तैयार नहीं होगा। उधर ईरानी मीडिया ने बताया है कि ईरान की संसद यानी मजलिस में होरमुज की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लगाने के प्रस्ताव पर विचार हो रहा है। अगर यह लागू होता है, तो ईरान इस अहम समुद्री रास्ते से सुरक्षित गुजरने के लिए जहाजों से शुल्क वसूल सकता है।
