नई दिल्ली। अमेरिका और इजराइल के हमले से बरबाद हुए ईरान में बड़ा राजनीतिक उलटफेर हो सकता है। खबर है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई ने राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की भूमिका बहुत सीमित कर दी है। यह भी कहा जा रहा है कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची को भी हटाने की तैयारी हो रही है। जानकार सूत्रों का कहना है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स यानी आईआरजीसी के कमांडर की भूमिका बहुत बढ़ गई है।
खबर है कि कई सांसद विदेश मंत्री अब्बास अराघची को पद से हटाने की तैयारी कर रहे हैं। ईरान की एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक वरिष्ठ सांसद होसैनअली हाजीदेलिगानी ने मंगलवार को कहा, ‘हम अराघची के खिलाफ महाभियोग लाने के लिए सबूत और जरूरी दस्तावेज जुटा रहे हैं। सही समय आने पर यह प्रक्रिया शुरू करेंगे’। उधर एक दूसरी रिपोर्ट के मुताबिक मोज्तबा खामेनेई ने सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े अहम मामलों में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की भूमिका सीमित कर दी है।
इजराइली मीडिया की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि परमाणु कार्यक्रम और अमेरिका से बातचीत जैसे बड़े मुद्दों पर आईआरजीसी के कमांडर अहमद वाहिदी का फैसला अंतिम माना जाएगा। बहरहाल, ईरान के इस अंदरुनी उठापटक के बीच कतर के विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से फोन पर बातचीत की। कतर के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात, तनाव कम करने की कोशिशों और सुरक्षा व स्थिरता बनाए रखने पर बात की।
कतर के विदेश मंत्री ने सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने बताया कि दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ाने के लिए मध्यस्थ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि कतर, पाकिस्तान और ओमान मिलकर अमेरिका व ईरान के बीच प्रस्तावों के आदान प्रदान में मदद कर रहे हैं। इन देशों की कोशिश है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच जारी टकराव का समाधान बातचीत के जरिए निकले। उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते को लागू करने और होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
