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ईरान रोकेगा खाडी से तेल-गैस सप्लाई

Tehran [Iran], Jun 18 (ANI): Iran's President Masoud Pezeshkian and US President Donald Trump (unseen) digitally and remotely sign Memorandum of Understanding (MoU) aimed at ending the conflict between the two countries, on Wednesday. (Embassy of the Islamic Republic of Iran in India/ANI Photo)

दुबई। अमेरिका ने ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी फिर लागू करते हुए हवाई हमले तेज कर दिए हैं। इसके जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया से तेल और गैस के निर्यात को रोकने की धमकी दी है, जिससे क्षेत्र में व्यापक युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है।

अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के सात घंटे तक कई स्थानों पर हमले किए। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में एक सैन्य बैरक पर हुए हमले में कम से कम सात सैनिक मारे गए, जबकि देशभर में 260 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सरकारी प्रवक्ता फातिमा मोहाजेरानी ने बताया कि हाल के दिनों में विभिन्न हमलों में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई है।

अमेरिका ने पहली बार अप्रैल के मध्य में ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी लागू की थी, जिसे जून में अस्थायी समझौते के बाद हटा लिया गया था। समझौते के तहत परमाणु कार्यक्रम सहित अन्य मुद्दों पर 60 दिनों तक बातचीत होनी थी, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव के कारण वार्ता ठप पड़ गई।

ईरान के अर्द्धसैनिक बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने चेतावनी दी कि यदि नाकेबंदी जारी रही तो पश्चिम एशिया से तेल और गैस का निर्यात पूरी तरह रोका जा सकता है। संगठन ने कहा, “या तो क्षेत्र से ऊर्जा निर्यात सभी के लिए होगा, या फिर किसी के लिए नहीं।”

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाकेबंदी दोबारा लागू करने की घोषणा के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने की भी बात कही थी। हालांकि, बाद में फारस की खाड़ी के सहयोगी देशों के आग्रह पर उन्होंने यह प्रस्ताव वापस ले लिया।

ईरान के सरकारी टेलीविजन के अनुसार, बामपुर स्थित 388वीं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री ब्रिगेड के ठिकाने पर अमेरिकी हमले में कम से कम 13 मिसाइलें दागी गईं। मारे गए लोगों में अनिवार्य सैन्य सेवा के जवान और नियमित सैनिक दोनों शामिल हैं। सेना ने इस कार्रवाई का “उचित जवाब” देने की चेतावनी दी है।

इस बीच बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में भी मिसाइल हमलों की चेतावनी जारी की गई। जॉर्डन ने दावा किया कि उसने ईरान की ओर से दागी गई तीन मिसाइलों को मार गिराया, जबकि ईरान ने तीनों देशों पर हमलों की जिम्मेदारी ली है।

क्षेत्रीय मध्यस्थ एक बार फिर अमेरिका और ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के बीच समाधान की संभावना फिलहाल कमजोर दिखाई दे रही है।

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