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ईरान के 80 ठिकानों पर हमला

नई दिल्ली। अमेरिका ने अस्थायी युद्धविराम को स्थगित करके एक बार फिर ईरान पर हमला शुरू कर दिया है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा है कि ईरान के 80 ठिकानों पर हमला किया गया। इसके साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि बुधवार की रात को और बड़े हमले किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ईरान वार्ता और युद्धविराम के लायक नहीं है। इसके जवाब में ईरान ने हमले की चेतावनी दी है और एक बार फिर होर्मुज की खाड़ी बंद करने की धमकी भी दी है।

गौरतलब है कि ईरान में इस समय उसके सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार चल रहा है। इस बीच ईरान ने होर्मुज की खाड़ी में तीन कॉमर्शियल जहाजों के ऊपर हमला किया। अमेरिकी सेना का कहना है कि होर्मुज की खाड़ी में हुए हमले के जवाब में उसने ईरान के 80 सैन्य, मिसाइल व ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की नागरिक सुविधाओं पर हमले की भी चेतावनी दी है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को नाटो सम्मेलन के दौरान कहा कि अमेरिका बुधवार की रात ईरान पर फिर से बड़े हमले कर सकता है। उन्होंने इससे पहले कहा था कि अब वह ईरान से कोई डील नहीं करना चाहते। ट्रंप ने बुधवार को कहा, ‘हमने कल रात उन पर बहुत जोरदार हमला किया था और संभव है कि आज रात फिर से हमला करें। ईरान मिडिल ईस्ट में दबाव बनाता रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं रहेगा’।

गौरतलब है कि ईरान ने मंगलवार को होर्मुज में तीन जहाजों को निशाना बनाया था। ईरान ने बताया कि यह हमले इसलिए किए गए क्योंकि होर्मुज से कॉमर्शियल जहाज उनके बताए रास्तों से नहीं गुजर रहे थे। इनमें एक जहाज कतर का था। अमेरिका का कहना है कि इसके जवाब में उसने ईरान के ऊपर हमला किया। नाटे के प्रमुख मार्क रुट ने इस हमले का समर्थन करते हुए बुधवार को कहा कि होर्मुज की खाड़ी से गुजर रहे तीन कारोबारी जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिका की कार्रवाई बिलकुल जरूरी थी। तुर्किए की राजधानी अंकारा में नाटो सम्मेलन से पहले रुट ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14 सूत्री समझौता ज्ञापन के तहत युद्धविराम लागू था, लेकिन ईरान ने उसका उल्लंघन किया।

उधर ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम आखिरी चरण में पहुंच गया है। बुधवार को उनका पार्थिव शरीर इराक पहुंचा, जहां लोग उनके ताबूत को हाथों पर उठाकर ले गए। उन्हें नजफ में इमाम अली की दरगाह परिसर में मौजूद नमाज स्थल तक ले जाया गया। गौरतलब है कि कर्बला और नजफ दोनों ईरान में हैं, जो शिया मुस्लिमों की धार्मिक मान्यताओं में बहुत अहम स्थान रखते हैं।

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