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ओमान तट पर हमला, एक भारतीय लापता

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से एकतरफा तरीके से सीजफायर समाप्त होने की घोषणा के बाद अमेरिका और ईरान में जंग तेज हो गई है। इसके साथ ही ईरान ने होर्मुज की खाड़ी में अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए भी वहां हमले शुरू कर दिए हैं। ऐसा ही एक हमला ओमान के तट पर एक व्यापारी जहाज ‘जीएफएस गैलेक्सी’ पर हुआ है। इस जहाज पर 11 भारतीय नागरिक भी सवार थे, जो चालक दल का सदस्य थे।

हमले में जहाज को नुकसान पहुंचा है और एक भारतीय नागरिक लापता हो गया है। 10 नागरिकों को बचा लिया गया है। भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि मस्कट में भारतीय दूतावास ओमान सरकार के साथ मिलकर लापता भारतीय की तलाश और बचाव अभियान पर लगातार नजर रखे हुए है। भारत ने इस अभियान में सहयोग के लिए ओमानी अधिकारियों का धन्यवाद भी दिया।

भारत ने रविवार को कहा कि क्षेत्र में व्यापारी जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए। साथ ही भारत ने तनाव कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की। होर्मुज में व्यापारी जहाजों की आवाजाही में बाधा डाले जाने को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर बिना किसी बाधा के जहाजों की आवाजाही जल्द बहाल होनी चाहिए।

उधर ओमान ने भी अपने क्षेत्र में ड्रोन हमलों को लेकर ईरान के राजदूत मौसा फरेदून को तलब कर आधिकारिक विरोध दर्ज कराया। ओमान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ईरानी राजदूत को विरोध पत्र सौंपा गया, जिसमें ओमान के कई इलाकों में ड्रोन हमलों पर कड़ी आपत्ति जताई गई। ओमानी अधिकारियों ने ईरानी हमले पर कहा कि ये कार्रवाई गैर जिम्मेदाराना है और ईरान से देशों की संप्रभुता का सम्मान करने की अपील की।

बहरहाल, ओमान के तट पर जिस व्यापारी जहाज पर हमला हुआ था उसे लेकर ओमान के मैरिटाइम सिक्योरिटी सेंटर ने बताया कि हमले का शिकार हुए मालवाहक जहाज ‘जीएफएस गैलेक्सी’ से 23 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। हालांकि, एक नाविक की तलाश अब भी जारी है। ईरान के हमले को लेकर अमेरिका ने भी अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। ओमान में अमेरिकी दूतावास ने डुक्म शहर और मुसंदम गवर्नरेट में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को हालिया गतिविधियों के चलते फिलहाल घरों या सुरक्षित इमारतों के अंदर रहने की सलाह दी है।

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