नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले का फैसला टाल दिया है। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को ईरान पर बड़ा हमला करने का ऐलान किया था। लेकिन बाद में उन्होंने कई खाड़ी देशों का नाम लेते हुए कहा कि उनके कहने पर हमला टाल दिया है। दूसरी ओर ईरान संसद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सुपारी जारी कर रही है।
बताया जा रहा है कि ईरान की संसद में ट्रंप और नेतन्याहू की हत्या करने वालों को पांच सौ करोड़ रुपए से ज्यादा इनाम देने वाला बिल लाया जा सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी संसद का राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग इस बिल की तैयारी कर रहा है। आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा है, ‘इस्लामिक रिपब्लिक की सैन्य और सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई’ नाम से बिल तैयार किया जा रहा है। ईरानी सांसद महमूद नबावियन ने कहा कि संसद जल्दी ही इस बिल पर वोटिंग कर सकती है।
इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने ईरान पर मंगलवार को होने वाला हमला फिलहाल टाल दिया है। ट्रंप ने कहा कि कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई जैसे देशों के नेताओं ने बातचीत को मौका देने के लिए दो से तीन दिन का समय मांगा था। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों के नेताओं को भरोसा है कि ईरान के साथ ऐसा समझौता हो सकता है, जिसे अमेरिका और पश्चिम एशिया के अन्य देश स्वीकार कर सकें।
हालांकि ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के उपाध्यक्ष महमूद नबावियन ने चेतावनी दी कि अगर ईरान या उसके नेताओं पर फिर हमला हुआ तो जवाब सिर्फ अमेरिका और इजराइल तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि उन अरब देशों को भी निशाना बनाया जा सकता है जो अमेरिका और इजराइल के साथ खड़े हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने सफाई देते हुए कहा है कि दूसरे देशों के साथ बातचीत का मतलब सरेंडर नहीं है। उन्होंने साफ किया कि ईरान अपनी संप्रभुता और कानूनी अधिकारों से पीछे हटे बिना बातचीत जारी रखेगा।
