नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने के पहले दिन सोमवार, नौ मार्च को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया में चल रही जंग पर संसद में बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका व इजराइल के बीच जंग शुरू होने के बाद से खाडी देशों से 67 हजार के करीब भारतीय सकुशल वापस लौटे हैं। जयशंकर ने कहा है कि भारत चाहता है कि पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष जल्दी खत्म हो और सभी देश फिर से बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर लौटें।
जयशंकर ने सोमवार को राज्यसभा में दिए गए अपने बयान में कहा कि इस समय उस इलाके में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भारत वहां की सरकारों के साथ संपर्क में है और हालात पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री से भी बात की है। बाद में उन्होंने लोकसभा में भी बयान दिया।
विदेश मंत्री जयशंकर ने संसद को बताया कि पश्चिम एशिया से 67 हजार नागरिक वापस आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि संघर्ष बढ़ने की वजह से तेल और ऊर्जा की कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार कोशिश कर रही है कि भारत की ऊर्जा जरूरतें पूरी होती रहें और लोगों पर ज्यादा असर न पड़े। उन्होंने कहा कि भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और राष्ट्रीय हित सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
