श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किए गए एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंचे और कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें जीवन में दो बार महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई – एक बार राष्ट्र सेवा करने की और अब भगवान राम तथा उनके भक्तों की सेवा करने की।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पश्चिमी वायुसेना कमान का नेतृत्व संभालने वाले एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा को बुधवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया था।
अयोध्या हवाई अड्डे पर ‘पीटीआई वीडियो’ से बात करते हुए, मिश्रा ने कहा कि वह नयी जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद पहली बार अयोध्या आए हैं और अपनी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने से पहले कार्यभार संभालेंगे और संगठन को समझेंगे।
मिश्रा ने कहा यह नयी जिम्मेदारी मिलने के बाद मैं पहली बार अयोध्या पहुंचा हूं। मुझे पहले जाने दीजिए, कार्यभार संभालने दीजिए और सब कुछ समझने दीजिए। इसके बाद सारी योजनाओं के बारे में आपको बताया जायेगा।
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उन्होंने चयन समिति और ट्रस्ट के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस नियुक्ति को भगवान राम के आशीर्वाद का परिणाम मानते हैं।
उन्होंने कहा मेरा हृदय कृतज्ञता से भरा हुआ है और मैं आज खुद को सबसे भाग्यशाली व्यक्ति मानता हूं कि मुझे अपने जीवन में दो बार महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई – एक बार राष्ट्र सेवा के लिए और अब श्री राम मंदिर और श्री राम के भक्तों के संगठन और प्रशासन के लिए।
मिश्रा (62) तीस अप्रैल, 2026 को पश्चिमी वायुसेना कमान के प्रमुख के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे।
उन्होंने कहा कि वह इस क्षेत्र के विकास से परिचित हैं क्योंकि वह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से हैं और अक्सर गोरखपुर और वाराणसी की यात्रा करते रहते हैं।
मिश्रा ने कहा मैं इस राज्य से हूं और देवरिया, गोरखपुर और वाराणसी की यात्रा करता रहता हूं। काशी प्रगति कर रही है, हमारा राज्य और हमारा देश भी प्रगति कर रहा है और अयोध्या भी उसी तरह प्रगति कर रहा है।
सीईओ की नियुक्ति मंदिर के चढ़ावे के कथित गबन को लेकर हुए विवाद के बाद ट्रस्ट द्वारा व्यापक प्रशासनिक बदलाव के तहत हुई है।
Pic Credit : ANI
