नई दिल्ली। ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, और चीन व रूस के राष्ट्रपतियों शी जिनपिंग व व्लादिमीर पुतिन का एक मंच पर आना हाईलाइट था तो एक दूसरी खास बात ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद की मुलाकात थी। गौरतलब है कि ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई पर हमले किए थे। हालांकि पिछले कुछ समय से ईरान ने हमले रोक दिए हैं।
तभी दोनों देशों के नेताओं की मुलाकात को अहम माना जा रहा है। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को कम करने और स्थिति को और बिगड़ने से रोकने पर बात की। उन्होंने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करने पर भी जोर दिया। पेजेशकियान ने अमेरिका की निंदा करते हुए कहा कि मध्य पूर्व को अमेरिकी पुलिसिंग की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी यहां के देशों की ही होनी चाहिए।
गौरतलब है कि ईरान और यूएई पिछले कुछ सालों से रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में यह मुलाकात तनाव के बीच दोनों देशों के बातचीत का रास्ता खुला रखने का संकेत है। मसूद पेजेशकियान ने शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की। भारत के दौरे पर आए विश्व नेताओं में वे इकलौते हैं, जिनकी मुलाकात राष्ट्रपति से हुई। इससे पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी दोपक्षीय वार्ता हुई थी। दोनों नेता कुछ दिन पहले ही एससीओ सम्मेलन के दौरान बिश्केक में मिले थे।
