नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महज तीन घंटे के लिए संयुक्त अरब अमीरात यानी अबू बी के दौरे पर पहुंचे थे। लेकिन इतने कम समय में ही दोनों देशों के बीच रसोई गैस यानी एलपीजी को लेकर बड़ा समझौता हुआ है। इससे पहले अबूधाबी पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर देकर स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री मोदी का विशेष विमान जब यूएई की सीमा में पहुंचा तो यूएई की वायु सेना में शामिल अमेरिकी लड़ाकू विमान एफ 16 ने प्रधानमंत्री के विमान को एस्कॉर्ट किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत के लिए गर्व की बात कहा।
अबूधाबी में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच दोपक्षीय बैठक हुई। इसमें दोनों देशों के बीच एलपीजी की आपूर्ति को लेकर अहम समझौता हुआ। इसके अलावा स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व, रक्षा सहयोग और वडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर से जुड़े समझौता ज्ञापन यानी एमओयू पर भी दस्तखत हुआ। यूएई ने भारत के बुनियादी ढांचे और कुछ वित्तीय संस्थाओं में पांच अरब डॉलर निवेश का ऐलान भी किया। बाद में विदेश मंत्रालय की ओर से बताया गया कि दोनों नेताओं ने ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बातचीत में कहा कि भारत हर परिस्थिति में यूएई के साथ मजबूती से खड़ा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात के रिश्ते बेहद मजबूत हैं। उन्होंने यूएई को अपना ‘दूसरा घर’ बताते हुए गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद दिया। पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं इस शानदार स्वागत के लिए दिल से आभार जताता हूं’। प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति से कहा कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान कहा कि भारत पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। तीन घंटे की इस मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड के लिए रवाना हो गए। मोदी 15 से 17 मई तक नीदरलैंड दौरे पर रहेंगे। यह दौरा भारत और नीदरलैंड के बीच दोपक्षीय संबंध मजबूत बनाने के लिहाज से काफी अहम है। इस दौरान चिप और एआई तकनीक को लेकर समझौते हो सकते हैं।
