कोलकाता। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के जरिए नाम काटे जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई और नए तथ्यों के सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर बड़ा हमला किया है। ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा ने चुनाव ‘हाईजैक’ करने के लिए चुनाव आयोग का इस्तेमाल किया।
ममता बनर्जी ने कहा कि मतदाता सूची से लाखों नाम गैरकानूनी तरीके से हटाकर ‘वोट लूटने’ के लिए एसआईआर का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने आगे कहा, ‘भाजपा बंगाल में बांटने वाली राजनीति कर रही है और डर फैलाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है’। ममता बनर्जी शुक्रवार को तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुईं, जहां पार्टी के कई औऱ वरिष्ठ नेता मोजूद थे और बड़ी संख्या में छात्र भी जुटे थे।
इस कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी के शासन में पुलिस का मानवीय चेहरा था, लेकिन बीजेपी ने पुलिस को ‘राक्षसी संस्था’ में बदल दिया। ममता ने कहा कि वे अपने समर्थकों के खिलाफ ‘पुलिस की ज्यादती’ रोकेंगी। उन्होंने कहा कि यह रक्षाबंधन पर उनका संकल्प है। ममता ने भाजपा पर बंगाल में विभाजनकारी राजनीति करने और पुलिस के जरिए लोगों में डर फैलाने का आरोप लगाया।
ममता बनर्जी ने कहा कि वह जल्दी ही पूरे राज्य का दौरा शुरू करेंगी और अगर उनकी सभाओं की अनुमति नहीं मिली तो सड़कों पर उतर कर लोगों के बीच जाएंगी। ममता ने कहा, ‘मैं देखूंगी कि उनके पास कितने अंडे और ईंटें जमा हैं’। गौरतलब है कि चुनाव हारने के बाद से तृणमूल के नेताओं पर कई जगह अंडों से हमला हुआ। ममता ने फुटपाथों से हॉकरों को हटाने पर कहा कि उन्हें इस पर आपत्ति नहीं है, लेकिन उनको दूसरी जगह देनी चाहिए। अगर सरकार ऐसा नहीं कर सकती तो उन्हें हर महीने 25 हजार रुपये मुआवजा देना चाहिए।
