Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

ममता को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली

Kolkata, Jul 31 (ANI): Chief Minister Mamata Banerjee speaks in administrative and coordination Meeting on the occasion of the Sharadiya festival at Netaji Indoor Stadium, in Kolkata on Thursday. (ANI Photo)

नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक ममता बनर्जी की पार्टी टूट गई है और टूटे हुए गुट की याचिका पर ममता बनर्जी की पार्टी के बैंक खातों पर रोक लग गई है। इस मामले में ममता सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीं लेकिन वहां से उनको कोई राहत नहीं मिली है। सर्वोच्च अदालत ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस को उन चार बैंक खातों को संचालित करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया, जिन्हें पश्चिम बंगाल पुलिस ने साइबर क्राइम की शिकायत के सिलसिले में फ्रीज कर दिया था।

इस मामले में सुनवाई करते हुए जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने कहा, ‘चुनाव आयोग ने टीएमसी का चुनाव चिन्ह फ्रीज कर दिया है। खातों में मौजूद फंड का असली हकदार कौन है, इस मामले पर कलकत्ता हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इसलिए हम इस मामले की सुनवाई नहीं करेंगे’। गौरतलब है कि चार मई को पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे आए थे, जिसमें टीएमसी 15 साल बाद राज्य की सत्ता से बाहर हो गई थी।

इसके बाद पार्टी के 58 विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में अलग गुट बना लिया था। यह गुट असली तृणमूल कांग्रेस होने का दावा करता है। बहरहाल, ममता बनर्जी की पार्टी की ओर से पेश हुए सीनियर एडव्होकेट अभिषेक सिंघवी ने कहा कि बैंक खातों को फ्रीज करना पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को रोकने की कोशिश है। इससे पार्टी की गतिविधियां ठप्प हो गई हैं। उन्होंने कहा कि उपचुनावों आदि को देखते हुए पार्टी के खर्चों के लिए हर महीने कम से कम 12.15 करोड़ रुपए की आवश्यकता है। टीएमसी जैसी बड़ी पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों के लिए यह न्यूनतम राशि है। इसलिए इन खातों को चलाने की मंजूरी दी जाए।

राज्य सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि दो गुट खुद को असली तृणमूल बता रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को यह तय करने को कहा है कि असली पार्टी कौन सी है। उन्होंने कहा, ‘दूसरा गुट भी कह रहा है कि हमें खाता चलाने की अनुमति दी जाए। इसलिए उन्हें असली तृणमूल पर फैसले का इंतजार करना चाहिए’।

Exit mobile version