नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का पहला हफ्ता बिना कामकाज के गुजर गया। पहले हफ्ते के आखिरी कामकाजी दिन यानी शुक्रवार को भी पेपर लीक मसले पर हंगामा हुआ और संसद के दोनों सदनों में कामकाज नहीं हो सका। हालांकि शुक्रवार को हंगामे के बीच ही केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने वंदे मातरम के अपमान को आपराधिक कार्रवाई बनाने और अपमान पर सजा का प्रावधान करने वाला बिल राज्यसभा में पेश किया।
लोकसभा में सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही नीट यूजी पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई के खिलाफ सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों को अपनी सीट पर जाने कहा। लेकिन हंगामा जारी रहा, जिसके बाद सदन 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। दोपहर 12 बजे सदन की बैठक दोबारा शुरू हुई तो संसदीय कार्य मंत्री कीरेन रिजीजू ने सदन को बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना आमरण अनशन खत्म कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और इस संबंध में दोपहर एक बजे होने वाली कैबिनेट बैठक में कड़े कानून पर भी विचार होगा। इस पर विपक्ष का हंगामा फिर तेज हो गया।
राहुल गांधी अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए, लेकिन पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने कहा कि सदन की कार्यसूची के अनुसार पहले पटल पर पत्र रखे जाएंगे, उसके बाद उन्हें बोलने का अवसर दिया जाएगा। पत्र रखे जाने की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही नारेबाजी और बढ़ गई। कार्यवाही सुचारु नहीं हो सकी और राहुल गांधी अपनी बात नहीं रख पाए। अंततः लोकसभा की बैठक 27 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
उधर, राज्यसभा में भी सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू हुई। हंगामे के बीच ही सभापति ने सदन के पटल पर दस्तावेज रखवाए। इस बीच नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और पेपर लीक का मुद्दा उठाने के लिए खड़े हुए। लेकिन हंगामे के कारण वे अपनी बात नहीं रख पाए। इसके बाद सदन पहले 12 बजे तक के लिए और फिर दो बजे तक के लिए स्थगित किया गया। लेकिन दो बजे भी हंगामा जारी रहा तो उप सभापति हरिवंश ने कार्यवाही 27 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी।
