Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

मायावती ने अशोक सिद्धार्थ को फिर पार्टी से निकाला

Lucknow, Jan 16 (ANI): Bahujan Samaj Party (BSP) supremo Mayawati addresses a press conference on her birthday, in Lucknow on Wednesday. (ANI Photo)

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को एक बार फिर पार्टी से निकाल दिया है और इस बार कहा है कि अब आगे फिर उनको कभी भी पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा। रविवार को इस फैसले का ऐलान करने से दो दिन पहले मायावती ने भतीजे को लेकर भी एक चेतावनी जारी की थी। उन्होंने कहा था कि अगले विधानसभा चुनाव के लिए टिकट का फैसला आकाश नहीं, बल्कि वे खुद करेंगी।

बहरहाल, मायावती ने रविवार को कहा, ‘अशोक बार बार चेतावनी देने के बाद भी नहीं सुधरे। अब इन्हें कभी पार्टी में वापस नहीं लेंगे’। बसपा सुप्रीमो ने रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी से बाहर कर दिया। बेनीवाल बसपा में कोऑर्डिनेटर के साथ ही पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। डेढ़ साल में यह दूसरा मौका है, जब मायावती ने अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाला है।

इससे पहले 12 फरवरी 2025 को गुटबाजी करने के आरोप में अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर किया गया था। हालांकि, छह महीने बाद सितंबर 2025 में उनकी दोबारा पार्टी में वापसी हो गई थी। अशोक सिद्धार्थ के पास तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, गुजरात, छत्तीसगढ़ और दिल्ली में बसपा की जिम्मेदारी थी। मायावती ने शनिवार को उनसे इन राज्यों का जिम्मा छीन लिया था।

इसके बाद सोशल मीडिया में खबरें आईं कि अशोक सिद्धार्थ को उत्तर प्रदेश का जिम्मा दिया जा सकता है। इससे मायावती नाराज हुईं और उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘बार बार चेतावनी के बावजूद अशोक सिद्धार्थ के रवैये में कोई सुधार नहीं आया। इस वजह से उनसे सभी जिम्मेदारियां छीन ली गई थीं। बावजूद इसके उन्होंने यूपी लौटने की खबरें फैलाकर कार्यकर्ताओं में भ्रम पैदा करने की साजिश रची। इसीलिए अब उन्हें पार्टी से पूरी तरह बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है’।

मायावती ने अशोक सिद्धार्थ और रणधीर सिंह बेनीवाल को पार्टी से निकालने के बाद राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को फिर से पंजाब का प्रभारी बना दिया। वे आगामी पंजाब विधानसभा और लोकसभा चुनाव तक इस पद पर बने रहेंगे। अशोक सिद्धार्थ के करीबी और तीन राज्यों में उनके सह प्रभारी नितिन सिंह से भी केरल, कर्नाटक व तमिलनाडु में पार्टी की जिम्मेदारी वापस ले ली है।

Exit mobile version