नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और प्रतियोगिता परीक्षाएं आयोजित करने के लिए बनाई गई राष्ट्रीय एजेंसी एनटीए की विफलता एक बार फिर सामने आई है। पेपर लीक के विवाद के चलते मेडिकल में दाखिले के लिए तीन मई को हुई नीट की परीक्षा रद्द करनी पड़ी है। शिक्षा मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने मंगलवार को नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द कर दी। तीन साल में दूसरी बार नीट यूजी का पेपर लीक हुआ है। 2024 की परीक्षा में भी पेपर लीक हुआ था लेकिन तब पूरी परीक्षा नहीं रद्द की गई थी।
बहरहाल, तीन मई को हुई परीक्षा में 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे। पेपर लीक और दूसरी गड़बड़ियों को रोकने में नाकाम साबित हो रही एनटीए के महानिदेशक यानी डीजी अभिषेक सिंह ने कहा है, ‘इस गड़बड़ी के लिए हम जिम्मेदार हैं। परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। छह से आठ दिन में नई तारीख का ऐलान होगा’। इस बीच केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है। सीबीआई ने पेपर लीक मामले में एफआईआर दर्ज की है।
एनटीए के डीजी ने ग़डबड़ी के लिए एजेंसी की जिम्मेदारी स्वीकार की है लेकिन मंगलवार को दिल्ली में मीडिया ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस मामले में सवाल पूछा तो वे बिना कुछ बोले निकल गए। बहरहाल, इस साल नीट का पेपर ‘क्वेश्चन बैंक’ के जरिए लीक किया गया। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के तीन सौ से ज्यादा सवाल थे। ये सभी हाथ से लिखे गए थे और इनकी लिखावट भी एक ही थी।
एजेंसी पता लगाने में जुटी है कि पेपर कहां से लीक हुआ। लेकिन यह पता है कि यह मामला राजस्थान के सीकर में सामने आया। बताया जा रहा है कि केरल के एक मेडिकल की पढ़ाई कर रहे राजस्थान के ही एक छात्र ने अपने दोस्त को इसे भेजा था। दोस्त ने ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर के एक पीजी संचालक को दिया। उसने पीजी में रहने वाले छात्रों को ‘क्वेश्चन बैंक’ शेयर कर दिया। इसके बाद यह बंटता चला गया। परीक्षा के बाद पता चला कि इन तीन सौ सवालों में से डेढ़ सौ सवाल हूबहू नीट के पेपर में आ गए।
एनटीए ने बताया है कि परीक्षा के चार दिन बाद यानी सात मई को से इन गड़बड़ियों के बारे में जानकारी मिली थी। यह मामला पहले राजस्थान और फिर उत्तराखंड से सामने आया। एनटीए ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी उससे पहले राजस्थान पुलिस स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी एसओजी ने इसकी जांच की। उसने इस सिलसिले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया है।
हालांकि अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ कितने छात्रों तक पहुंचा, लेकिन यह संख्या बहुत बड़ी होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि जिन लोगों को ये वॉट्सएप पर यह मिला, उसमें मैसेज के साथ ‘फॉरवर्डेड मेनी टाइम्स’ लिखा आ रहा है। इसका मतलब है कि यह बहुत बार फॉरवर्ड किया गया। यह भी कहा जा रहा है कि पेपर लीक के तार केरल, राजस्थान, महाराष्ट्र से भी जुड़े हैं। नासिक पुलिस ने बताया कि नीट पेपर लीक मामले में वहां भी एक युवक को हिरासत में लिया गया है।
