नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में हुई गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मनमानियों को लेकर हुए खुलासे के बाद विपक्षी पार्टियों की एक अहम बैठक बुधवार को होगी। विपक्षी गठबंधन यानी ‘इंडिया’ ब्लॉक की पार्टियों के नेताओं की यह बैठक दिल्ली में होगी। हालांकि बैठक से पहले विपक्ष का बिखराव भी साफ दिख गया है। कई पार्टियों के नेता इसमें नहीं शामिल हो रहे हैं।
पिछली बैठक की ही तरह इस बार भी डीएमके और आम आदमी पार्टी इस बैठक में नहीं शामिल होंगे। गौरतलब है कि इस बैठक के समन्वय का काम कांग्रेस पार्टी देख रही है और बताया जा रहा है कि उसने आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को न्योता नहीं दिया। बहरहाल, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी बैठक में नहीं शामिल होंगे। यह भी कहा जा रहा है कि उनके चाचा रामगोपाल यादव भी बैठक से दूर रहेंगे और पार्टी की ओर से कोई अन्य नेता शामिल होगा। उद्धव ठाकरे भी बैठक के लिए दिल्ली नहीं आ रहे हैं। वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल होंगे।
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ब्लॉक की पिछले तीन साल में यह आठवीं बैठक है। जून 2024 में लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद यह तीसरी बैठक है। लोकसभा के चुनाव नतीजों के तुरंत बाद एक बैठक हुई थी। उसके दो साल बाद आठ जून 2026 को बैठक हुई थी। उसमें एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर चर्चा हुई। उसमें तय हुआ था कि दो महीन बाद अगस्त में हैदराबाद में बैठक होगी। लेकिन वह बैठक नहीं हुई। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खोजी रिपोर्ट के बाद ममता बनर्जी ने विपक्ष की बैठक बुलाने की पहल की।
बहरहाल, बैठक से एक दिन पहले मंगलवार को बताया गया कि अखिलेश यादव 30 सितंबर को लखनऊ में किसानों के सम्मेलन में शामिल होंगे। कहा जा रहा है कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से इस बारे में बात भी की है। हालांकि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि अखिलेश राज्यसभा चुनाव के नामांकन से जुड़ी व्यस्तता के कारण नहीं आएंगे।
बैठक में कांग्रेस की ओर से मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी शामिल होंगे। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी भी इसमें शामिल होंगे। राजद के तेजस्वी यादव, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और सीपीएम के महासचिव एमए बेबी बैठक में शामिल होंगे। शरद पवार की पार्टी के भी बैठक में शामिल होने की खबर है। गौरतलब है कि पिछले दिनों एमए बेबी ने दिल्ली में अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी। लेकिन उन्होंने केजरीवाल को बैठक का न्योता नहीं दिया क्योंकि यह काम कांग्रेस को करना है।
