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मोदी ने विकसित भारत के लिए प्रयास तेज करने का आह्वान किया

New Delhi, Aug 15 (ANI): Prime Minister Narendra Modi greets NCC cadets and students during the 80th Independence Day celebrations, at Red Fort in New Delhi on Saturday. (DPR PMO/ANI Photo)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत ‘‘अब छोटे सपनों के साथ आगे नहीं बढ़ सकता’’ और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के वास्ते बड़ी छलांग लगाने के लिए बड़ी आकांक्षाएं एवं दृढ़ संकल्प जरूरी हैं।

मोदी ने ‘‘गुलामी की मानसिकता’’ को समाप्त करने का आह्वान किया और नेताजी सुभाष चंद्र बोस, बाबासाहेब आंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, बिरसा मुंडा और ज्योतिबा फुले के भारत संबंधी दृष्टिकोण से प्रेरणा लेने की बात कही।

प्रधानमंत्री ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा अब छोटे सपनों से चलने वाला नहीं है, हमारे सपने बड़े होने चाहिए क्‍योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं। हमारी सोच के क्षितिज को भी विस्तृत करते हैं। हमारे संकल्प दृढ़ होने चाहिए, जब संकल्प दृढ़ होता है, तो कठिनाइयों से, आपदाओं के बीच से रास्ते निकालने का सामर्थ्य अपने आप उभरकर आता है।

मोदी ने कहा हमारे संकल्प भी ऊंचे होने चाहिए क्योंकि जब सपने ऊंचे होते हैं, संकल्प ऊंचे होते हैं, तो हमारे सामर्थ्य की ऊंचाई भी बढ़ती है, हमारे प्रयासों की ऊंचाई भी बढ़ती है और तब जाकर हम सपनों को साकार कर सकते हैं।

उन्होंने कहा आज भारत ने भी एक बहुत बड़ा सपना देखा है, दृढ़ संकल्प के साथ देखा है, नयी ऊंचाइयों को छूने के लिए देखा है और वह सपना है, जब 2047 में आजादी के 100 साल पूरे होंगे, तब हम विकसित भारत बनाकर रहेंगे।

मोदी ने कहा 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ से, इस लक्ष्य को हमें हासिल करना है।

उन्होंने कहा कि जब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित होने का संकल्प लेता है, तो यह दुनिया की नजरों में भी हमारे साहस का परिचायक बन जाता है। उन्होंने कहा दुनिया हमारी तरफ देखने का नजरिया बदलने के लिए मजबूर हो जाती है।

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प्रधानमंत्री ने कहा देश आजाद हुआ, बहुत सारे सपने लेकर आजाद हुआ, लेकिन हम गति नहीं पकड़ पाए, रफ्तार नहीं पकड़ पाए। होता है, चलता है, अरे हो जाएगा, देखा जाएगा, उसी में खोए रहे।

उन्होंने कहा कि भारत पहले ‘‘फ्रेजाइल फाइव’’ देशों में गिना जाता था, लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है।

‘फ्रेजाइल फाइव’ वैश्विक वित्तीय बाजार में इस्तेमाल होने वाला एक शब्द है, जिसका अर्थ ऐसी कमजोर एवं नाजुक अर्थव्यवस्थाओं से है जो अपने विकास के लिए जोखिम भरे विदेशी निवेश पर बहुत अधिक निर्भर हैं।

मोदी ने कहा हम तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं और देशवासियों का संकल्प है कि अब 140 करोड़ देशवासियों के संकल्प को, सामर्थ्य को रोकना नामुमकिन है।

अपने ‘पंच प्रण’ का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि इन पांच संकल्पों ने “राष्ट्र को अपार शक्ति प्रदान की है” और उसे “आत्म गौरव की भावना तथा अपने लक्ष्यों को पार करने की क्षमता” के साथ आगे बढ़ने के लिए सशक्त बनाया है।

मोदी ने कहा आइए, इस संकल्प को फिर दोहराएं: राष्ट्रहित हमारे अपने हित से ऊपर होना चाहिए और कर्तव्य ही हमारी पहचान हो।

उन्होंने कहा समय हमारा है, अवसर हमारा है, संकल्प हमारा है, आइए सपनों को संकल्प बनाएं, संकल्प को सामर्थ्य बनाएं और सामर्थ्य को सफलता में बदलकर रहें। मोदी ने कहा आइए, हम सब मिलकर एक विकसित भारत का निर्माण करें।

Pic Credit : ANI

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