वडोदरा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को ‘आदिवासी अधिकार संविधान सम्मेलन’ में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जम कर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सौ फीसदी डोनाल्ड ट्रंप के कंट्रोल में हैं। राहुल ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को कहा है कि वे उनसे पूछे बगैर किसी से तेल नहीं खरीदेंगे। उन्होंने दावा कि गौतम अडानी का केस नरेंद्र मोदी को धमकाने के लिए है। राहुस ने यह भी कहा कि मोदी संसद में बहस नहीं कर सकते हैं क्योंकि वे कंप्रोमाइज्ड हैं।
इसके अलावा राहुल ने अपने भाषण में जंगलों का लगातार घटता क्षेत्रफल, आदिवासी समुदाय को मुख्यधारा में पर्याप्त जगह न मिलने और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और उसमें सुधार पर जोर दिया। राहुल ने कहा कि आदिवासी बच्चों की भागीदारी शिक्षा में बढ़नी चाहिए और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि विकास परियोजनाओं के लिए ली गई आदिवासियों की जमीन पर उनका अधिकार बना रहना चाहिए। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने पारंपरिक जोहार आदिवासी कोटि पहनी, जो आदिवासी संस्कृति की पहचान मानी जाती है। राहुल के इस कार्यक्रम में आदिवासी समुदाय के ऐसे लोग शामिल हुए, जिन्होंने इंजीनियरिंग या चिकित्सा या दूसरी क्षेत्रों में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसके अलावा गैर सरकारी संगठनों से जुड़े लोग भी इसमें शामिल हुए।
इस साल होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों और अगले साल यानी 2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव को देखते हुए राहुल गांधी का यह दौरा कांग्रेस के लिए काफी अहम माना जा रहा है। गौरतलब है कि राहुल पिछले कुछ समय से लगातार गुजरात के दौरे कर रहे हैं। सोमवार के सम्मेलन के बाद, राहुल गांधी ने पार्टी के नेताओं के साथ भी बैठक की। राहुल गांधी दोपहर में गुजरात पहुंचे थे।
