मुंबई। महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी यानी एमवीए ने मतदाता सूची में गड़बड़ी को बड़ा मुद्दा बना दिया है। इस मुद्दे पर शनिवार को मुंबई में एमवीए की बड़ी रैली हुई, जिसमें सभी घटक दलों के नेता शामिल हुए। उद्धव ठाकरे के साथ साथ उनके भाई राज ठाकरे भी इस रैली में शामिल हुए। राज ठाकरे के होने के बावजूद कांग्रेस के नेता भी इसमें शामिल हुए। करीब 20 साल के बाद उद्धव और राज ठाकरे एक साथ किसी रैली में शामिल हुए।
इस रैली में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने दावा किया कि उनके पास वोट में गड़बड़ी के सारे सबूत हैं। राज ठाकरे ने कहा कि कल्याण, डोंबिवली, भिवंडी और पालघर के साढ़े चार हजार मतदाताओं ने मालाबार हिल में भी मतदान किया था। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी सूची उनके पास है। महाविकास अघाड़ी में शामिल सभी पार्टियों के नेता चाहते हैं कि चुनाव से पहले मतदाता सूची में सुधार किया जाए।
बहरहाल, शनिवार की रैली से पहले सभी पार्टियों ने मुंबई के मेट्रो सिनेमा से लेकर बीएमसी कार्यालय तक रैली निकाली। इसमें एनसीपी के संस्थापक शरद पवार और कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट भी शामिल हुए। इसके बाद रैली में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में वोट चोरी की गई। उन्होंने कहा, ‘हमारी पार्टी, नाम और चुनाव चिन्ह चोरी हो गए हैं, अब वोट चोरी हो रही है। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और सीएम देवेंद्र फड़नवीस कहते हैं कि विरोधियों को बेनकाब करेंगे। मैं देवेंद्र फड़नवीस को खुली चुनौती देता हूं कि मुझे बेनकाब करें, दिखाएं कि हमें कैसे फायदा हो रहा है’।
शरद पवार ने अपने भाषण में कहा, ‘आज का मार्च मुझे 1978-89 के दौर की याद दिलाता है। उस दौरान मैं कॉलेज में पढ़ता था। संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के दौरान काला घोड़ा इलाके में भी इसी तरह के मार्च निकाले गए थे। उन मार्च में विचारों की एकता और लोगों का दृढ़ संकल्प साफ दिखाई देता था। आज आपने जो एकता दिखाई है, वह मुझे उस समय की याद दिलाती है’। उन्होंने कहा, ‘हम अपने लिए कुछ नहीं मांग रहे, न सत्ता और न ही पद। हम सिर्फ इतना कह रहे हैं कि लोकतंत्र में संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। संविधान में कही गई हर बात का पालन होना चाहिए, लेकिन सत्ताधारी दल अपनी मनमर्जी से नियमों में ढील देने लगे, तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा’
