काठमांडू। नेपाल में जेन जेड आंदोलन के चलते हुए तख्तापलट के बाद पहली बार आम चुनाव हुए। गुरुवार को सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक वोटिंग हुई। रात 12 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी। चुनाव आयोग के मुताबिक 60 फीसदी से ज्यादा लोगों ने मतदान किया है। यह आंकड़ा बढ़ सकता है क्योंकि मतदान समाप्त होने के बाद भी दूरदराज इलाकों में वोटिंग हो रही थी।
गुरुवार को प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने काठमांडू के धापासी स्थित मतदान केंद्र पर वोट डाला था। उन्होंने कहा कि अब उनका रोल पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव देश का भविष्य तय करने वाला है। गौरतलब है कि नेपाल चुनाव पर दुनिया के कई देशों की नजर है। सितंबर 2025 में युवाओं के हिंसक प्रदर्शनों के बाद यह पहला आम चुनाव है। तब तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार गिर गई थी। ओली के इस्तीफे के बाद नेपाल की पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी, जो अब चुनाव करा रही है।
नेपाल के इस चुनाव में काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह, केपी शर्मा ओली और गगन थापा को प्रधानमंत्री पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। मतदान के बाद नेपाल के चुनाव आयोग के प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टाराई ने कहा कि युवाओं ने मतदान में जम कर हिस्सा लिया है। उन्होंने बताया कि छिटपुट घटनाओं को छोड़ कर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
बताया गया है कि गुरुवार को आधी रात के बाद वोटों की गिनती शुरू होगी। ज्यादातर सीटों के नतीजे तीन से चार दिन में आ जाएंगे, लेकिन अंतिम नतीजे 15 दिन के बाद जारी होंगे। इससे पहले नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कहा है कि वे गुरुवार को हुए चुनाव के बाद जल्द से जल्द सत्ता नई चुनी हुई सरकार को सौंपना चाहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव से युवाओं को बहुत उम्मीद है।
