नई दिल्ली। इजराइल और ईरान दोनों ने दावा किया है कि उनके सुप्रीम लीडर पूरी तरह से ठीक हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तो खुद अपनी एक वीडियो जारी की है। उन्होंने एक कॉफी शॉप के बाहर की वीडियो जारी की है। गौरतलब है कि ईरान की ओर से उनके मारे जाने का दावा किया गया था। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स यानी आईआरजीसी की ओर से नेतन्याहू को बच्चों का हत्यारा बताते हुए उनको मार डालने का संकल्प जताया गया है।
दूसरी ओर ईरान ने दावा किया है कि उसके नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई पूरी तरह ठीक हैं और उन्हें कोई चोट नहीं लगी है। इससे पहले अमेरिका और इजराइल दोनों ने उनके घायल होने की खबर दी थी। ब्रिटिश मीडिया ‘द सन’ ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि मोजतबा खामेनेई 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमले में घायल हो गए थे। इसके बाद से वे कोमा में हैं और उनका एक पैर भी काटना पड़ा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मोजतबा के घायल होने की खबर दी थी।
इस बीच ईरान ने रविवार को इस जंग में पहली बार इजराइल पर ‘सेजिल बैलिस्टिक मिसाइल’ दागी। आईआरजीसी ने कहा कि इजराइल के सैन्य और रक्षा फैसिलिटी को निशाना बनाया गया है। यह एक सामरिक मिसाइल है, जो ढाई हजार किलोमीटर तक मार कर सकती है। इसका हमला बहुत सटीक होता है। बताया जा रहा है कि ईरानी मिसाइल के कुछ टुकड़े उस इमारत पर गिरे, जहां अमेरिकी राजनयिक काम करते हैं। हालांकि यह नही बताया गया कि वह इमारत किस शहर में है।
ईरान की सुरक्षा की कमान संभाल रहे अली लरिजानी ने अमेरिका पर बड़ा आरोप लगाया है और दावा किया है कि जेफ्री एपस्टीन से जुड़े कुछ लोग 2001 के 9/11 जैसा हमला करवाने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसका आरोप ईरान पर डालने की कोशिश की जा सकती है। ईरान ऐसे किसी आतंकी हमले का समर्थन नहीं करता और उसका अमेरिकी जनता से कोई युद्ध नहीं है।
वहीं, ईरान ने रविवार को इजराइल पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मिसाइल के टुकड़े गिरने से उस इमारत को नुकसान पहुंचा है, जहां अमेरिकी डिप्लोमेट काम करते हैं। हालांकि यह नहीं बताया गया कि यह इमारत किस शहर में है। गौरतलब है कि इजराइल में अमेरिका का दूतावास यरुशलम में है और तेल अवीव में भी उसका एक बड़ा दफ्तर है।
