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संसद में तीसरे दिन भी नहीं हुआ कामकाज

New Delhi, Mar 12 (ANI): Lok Sabha proceedings are underway during the Budget Session of Parliament, New Delhi, on Thursday. (Sansad TV/ANI Video Grab)

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को भी कोई कामकाज नहीं हो सका। विपक्षी सांसद बुधवार को काले कपड़े पहन कर संसद पहुंचे थे और उन्होंने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। दोनों सदनों में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी पार्टियों ने नीट यूजी परीक्षा लीक और छात्रों के प्रदर्शन पर लाठीचार्ज के विरोध में नारेबाजी की और इस पर चर्चा की मांग की। हंगामे की वजह से कार्यवाही शुरू होते ही इसे स्थगित कर दिया गया। कई बार के स्थगन के बाद दोनों सदन दिन भर के लिए स्थगित कर दिए गए।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कार्यवाही शुरू होते ही कहा कि, विपक्ष सदन में नीट पेपर लीक मामले में चर्चा तभी चाहता है जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे दें। उधर लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री कीरेन रिजीजू ने कहा कि सरकार पिछले तीन दिनों से लगातार नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा की पेशकश कर रही है। लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है। इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट करके कहा कि सरकार नीट पर चर्चा के लिए तैयार है। वे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से भी मिले। स्पीकर चर्चा का समय और तारीख तय करेंगे।

बहरहाल, बुधवार को राहुल गांधी सहित लगभग सभी विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। विपक्षी पार्टियों नीट विवाद और छात्रों पर लाठीचार्ज के मामले में राज्यसभा में नियम 267 के तहत चर्चा कराने की मांग की। हालांकि, सभापति ने इसे खारिज कर दिया। इस बीच राजनाथ सिंह ने कहा, ‘दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन गंभीर चिंता का विषय हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश के छात्रों और युवाओं को कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए एक राजनीतिक औजार के रूप में इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहे हैं’।

लोकसभा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यह कांग्रेस, समाजवादी पार्टी या भाजपा का नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं का मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट की गई, जिसके विरोध में विपक्ष को प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करना पड़ा। अखिलेश ने कहा कि जब प्रधानमंत्री सदन के बाहर बयान दे सकते हैं, तो इस मुद्दे पर संसद में आकर जवाब क्यों नहीं देते।

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