नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि देश में तेल या गैस की कोई कमी नहीं है। दिल्ली में बुधवार को हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार की ओर से कहा गया कि नागरिकों को घबराने की जरुरत नहीं है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मौजूद थे। हालांकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों बैठक में शामिल नहीं हुए। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने बैठक का बहिष्कार किया।
सर्वदलीय बैठक में सरकार ने सभी पार्टियों से कहा कि घबराने जैसी कोई बात नहीं है। सरकार ने बताया कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। रसोई गैस यानी एलपीजी का घरेलू उत्पादन 60 फीसदी तक बढ़ गया है। ईरान जंग के कारण होरमुज की खाड़ी में फंसे जहाजों के बारे में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि चार जहाज आ गए हैं और कुछ और जहाज आने वाले हैं। बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि विपक्षी पार्टियां सरकार के साथ हैं। दूसरी ओर कांग्रेस ने इस मसले पर संसद में चर्चा की मांग की है।
जंग की वजह से खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों के बारे में सरकार ने कहा कि भारत के दूतावास लगातार काम कर रहे हैं और अब तक करीब सवा चार लाख भारतीयों को सुरक्षित लाया जा चुका है। सरकार ने मीटिंग के दौरान बताया कि वह सभी संबंधित पक्षों से बात कर रही है और घबराने की कोई बात नहीं है। कांग्रेस की ओर से बैठक में शामिल मुकुल वासनिक और समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव और ने पाकिस्तान की भूमिका के बारे में पूछा तो सरकार ने कहा कि पाकिस्तान ऐसा 1981 से कर रहा है। इसमें कुछ नई बात नहीं है।
सरकार की ओर से बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और विदेश सचिव विक्रम मिस्री मौजूद रहे। वहीं, विपक्ष की ओर से इसमें बीजू जनता दल के सांसद सस्मित पात्रा, कांग्रेस से मुकुल वासनिक और तारिक अनवर, समाजवादी पार्टी से धर्मेंद्र यादव और सीपीएम से जॉन ब्रिटास सहित कई सांसद मौजूद थे। हैदराबाद के सांसद और एमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी भी इस बैठक में शामिल हुए।
